Three Days To See Summary in English and Hindi by Helen Keller

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Three Days To See Summary in English and Hindi by Helen Keller

Three Days To See by Helen Keller About the Author

Helen Keller was born in 1880 and died in 1968. She became blind and deaf when she was only 19 months old. She learned reading and writing in Braille. She wrote many articles. She wrote her autobiography. “The Story of My Life’ (1902). Her autobiography proved to be the source of inspiration for such people as are physically handicapped and so on. She was also an exceptional educator.

Three Days To See Summary in English

The authoress who is blind, as well as deaf here, becomes emotional. She imagines each human being to be blind and deaf for a few days with a view to be more appreciative of sight and the joy of sound. She is highly astonished at the replies of her friends who say nothing and feel nothing from the nature even after having two lively eyes. The authoress is blind but sees natural beauties with her inner eyes. She is deaf but gets lessons and blessings from the natures. She feels and knows everything through her power of inside i.e., just to touch anything. The authoress talks about human sense and sensibility. She talks about human being who commonly has no depth of life. What a matter of great surprise that human being leads the whole life meaninglessly! Only a few know the meaning of life and really enjoy it. That is why, the authoress thinks to have eye-sight only for three days. She wants to teach a lesson of life as well as better use of life to them who have eyes to see but see not in real sense. Sometimes her hearty cries to see all these things in the world. She thinks if she can get much pleasure only to touch the things what much more pleasure she will get after seeing the things with her eyes. She says what she would like to see if she is given eyes to use for three days.

The authoress says that she will divide the period into three parts. On the first day she will like to see those people whose kindness and company have made her life worth-living. She wants this because she has known her friends, their hearts and their souls only to touch their faces. The authoress asserts that those people who have seen their friends with their eyes know nothing about them. For instance, she given an example of husbands who were asked about the colour of their wives if they have seen them really. All of them were confused and they accepted that they have not seen.

She further says that she will collect all her friends and will see them carefully. She will also see the faces of innocent babies and the books she has read being blind. She will also see the beauty of nature.

She would like to see the natural happenings of day and night on the second day. She will see the creations on the earth and also the progress made by different classes of people. She would like 10 see the extincts so that she can know about the origin of the earth and the living organisms in better way.

Further she would like to see the museum and the creations of art and idols of goddesses. She will spend the evening of the second day at theatre and cinema-hall. Through all these she wants to know and compare her understanding and feelings as she has experienced in her blindness.

On the third day, the last day of her eyes, she again wants to spend her evening in a theatre. She wants to see a hilarious comedy there with a view to collect the real instincts of happiness and to sow it into the hearts of the people.

At last, the Authoress says the most significant thing which shows the grandeur of her thought. She says that there is a great difference between what you see and what you understand. In the most cases objects reveal one thing while their real meanings are something different. So, one must use one’s eyes reasonably.

Thus she wants to bring a thing into the notice of all human beings that the unexpected always happens. It is needless to say, anybody can be blind and deaf in an accident. So the people who are blessed with eyes should see the things in real sense so that if any misfortune happens, life would not be a burden and boring.

Three Days To See Summary in Hindi

1-3 I have often …………………………… she replied.
अनुवाद : मैंने प्रायः सोचा है कि यह भारी वरदान होगा यदि प्रत्येक मानव अपने व्यस्क जीवन के आरम्भ के कुछ दिनों के लिए अन्धा और बहरा हो जाए। अंधकार उसे दृष्टि के महत्त्व को अधिक समझना सिखा देगा। और नीरवता उसे ध्वनि के आनन्द के बारे में सिखाएगी। मैंने कभी-कभा अपने दृष्टि वाले मित्रों को यह जानने के लिए परखा है कि वे क्या देखते हैं। अभी कुछ समय हए मैंने अपनी एक सहेली से पूछा जो तभी वन की लम्बी सैर से लौटी थी, कि उसने क्या देखा था। “कुछ विशेष नहीं”, उसने उत्तर दिया था।

4. How was it possible ….. ………….. bird in full song.
अनुवाद : मैंने अपने मन में सोचा कि यह कैसे सम्भव हो सकता है कि वन में एक घंटा घूमने पर कुछ विशेष देखने को न मिले? मैं जो देख नहीं सकती, केवल छू कर सैकड़ों रुचिप्रद वस्तुएँ देखती हूँ। मैं किसी पत्ते की सूक्ष्म सममिति को अनुभव करती हूँ। मैं प्यार से भुर्ज वृक्ष की चिकनी छाल पर या किसी चीड़ की खुरदरी, झुर्रियों वाली छाल पर हाथ फेरती हूँ। वसन्त में मैं पेड़ों की टहनियों को छूती हूँ इस आशा से कि कोई कोंपल हाथ आ जाए जो कि शीतकाल की नींद के पश्चात् प्रकृति के जागने का प्रथम चिह्न होती है। कभी-कभी यदि मैं बहुत भाग्यशाली होती हूँ तो मैं अपना हाथ धीरे से किसी छोटे से पेड़ पर रख देती हूँ और किसी प्रसन्न पक्षी के भरपूर गाने का कंपन अनुभव करती हूँ।

5. At times my heart…. ………… for just three days.
अनुवाद : कभी-कभी मेरा दिल इन चीजों को देखने की इच्छा से पुकार उठता है। जब मैंने छूने मात्र से इतना आनन्द अनुभव करती हूँ, तो दृष्टि से कितनी सुन्दरता प्रकट होगी। और मैंने कल्पना की है कि यदि मुझे केवल तीन दिन आँखों के प्रयोग के लिए मिल जाएं तो मैं क्या देखना चाहूँगी।

6. I should divide ……………………….. Worth living.
अनुवाद : मैं उस काल को तीन भागों में बाँटूंगी। पहले दिन मैं उन लोगों को देखना चाहूँगी। जिनकी दया व संगति से मेरा जीवन जीने योग्य बना।

7. I do not know……………………………. feel of their faces.
अनुवाद : मैं नहीं जानती कि किसी मित्र के मन में आत्मा की खिड़की चक्षु के द्वारा देखना कैसा लगता है। मैं केवल अपनी अंगुलियों के छोरों से केवल चेहरे की रूपरेखा देख सकती हूँ। मैं हँसी, उदासी, और अन्य कई स्पष्ट भावनाओं का पता चला सकती हूँ। मैं अपने मित्रों को उनके चेहरों के स्पर्श से पहचानती हूँ।

8. How much easier………………………………let it go at that?
अनुवाद : आप लोग जो देख सकते हैं उनके लिए अन्य व्यक्ति की मुख्य विशेषताओं को, उनके सूक्ष्म भावों को उनकी मांसपेशियों के. फड़कने से, हाथ के फड़फड़ाने को देखकर तुरन्त जान लेना कितना आसान व संतोषजनक होता है। परन्तु क्या आपको कभी यह सूझा है कि आप अपनी दृष्टि का प्रयोग किसी मित्र के आंतरिक स्वभाव को जानने के लिए करें। क्या आप दृष्टि वाले अधिकतम लोग किसी चेहरे के बाह्य नैन-नक्श सरसरी रूप से नहीं देखतं हा, और वहाँ तक ही सीमित रहते हो।

9. For instance ……………….. do not know.
अनुवाद : उदाहरण के लिए, क्या आप पाँच अच्छे मित्रों के चेहरों का वर्णन सही रूप से कर सकते हो? परीक्षण के लिए मैंने पतियों से अपनी पत्नियों की आँखों का रंग बताने के लिए कहा और प्रायः वै उलझन भरी घबराहट प्रकट करते हैं और स्वीकार करते हैं कि वे नहीं जानते।

10-11. Oh, the things ……………………… stalwart Great Dane.
अनुवाद : ओह, वे चीजें जो मैं देखना चाहूँगी यदि मुझे केवल तीन दिन के लिए देखने की शक्ति प्राप्त हो जाए। प्रथम दिन व्यस्त दिन होगा। मैं अपने सब प्रिय मित्रों को मिलने जाऊँगी और उनके चहरों को देर तक देखूगी, और उनकी आन्तरिक सुन्दरता का बाह्य प्रमाण अपने मन पर अंकित करूंगी। मैं अपनी दृष्टि किसी शिशु के चेहरे पर भी टिका कर रखूगी, ताकि मैं उस तीव्र, अबोध सुन्दरता की झलक पा सकूँ जो किसी व्यक्ति की उस चेतना से पूर्व होती जो जीवन के संघर्ष के कारण विकसित होती है। मैं उन पुस्तकों को भी देखूगी जो मुझे पढ़कर सुनाई गई हैं और जिन्होंने मानव जीवन की गहरी धाराओं को मेरे समक्ष प्रकट किया है। और मैं अपने कुत्तों, छोटे स्काटी और हट्टे-कट्टे ग्रेट डेन की स्वामीभक्त, विश्वास करने वाली आँखों में भी देखना चाहूँगी।

12. In afternoon ………………………………… able to sleep.
अनुवाद : तीसरे प्रहर मैं वन में लम्बी सैर करना चाहूँगी, और अपनी आँखों में प्रकृति के सौन्दर्य कार नशा भर लूंगी। और मैं रंग-बिरंगे सूर्यास्त को देखने की भी प्रार्थना करूंगी। सम्भवतः उस रात मैं न सो सकूँ।

13. The next day ……. .. …………… the animal kingdom.
अनुवाद : अगले दिन मैं सूर्योदय के समय उठ जाऊँगी, और उस रांमांचित करने वाले चमत्कार को देखूगी जो रात को दिन में बदल देता है। मैं विस्मय से प्रकाश के उस शानदार परिदृश्य को देखूगी जिससे सूर्य सोई हुई धरती को जगा देता है उस दिन मैं भूत व वर्तमान संसार पर एक झटपट दृष्टि डालूंगी। मैं मनुष्य की उन्नति की झांकी देखना चाहूँगी, और इसलिए मैं संग्रहालयों में जाऊंगी। वहां मैं धरती के पशुओं व मनुष्य की विभिन्न जातियों की उनके प्राकृतिक वातावरण में सक्षिप्त इतिहास देखूगी-डाइनासौर व मेस्टोडोन के विशाल कंकाल जो मनुष्य के आने से पूर्व धरती पर घूमते थे, छोटे आकार और शक्तिशाली मनुष्य की जन्तुओं पर विजय तक।

14. My next stop would be …………………………… knew blindness.
अनुवाद : मेरा अगला पड़ाव कला-संग्रहालय होगा। मैं अपने हाथों के स्पर्श से प्राचीन नील देश (मिस्र) के देवी-देवताओं की मूर्तियों को पहचानती हूँ। मूर्तियों को मैंने पार्थिनन मन्दिर को चित्रवल्लरी की नकल को छू कर देखा है, और एथन के आक्रमण करते योद्धाओं की लयबद्ध सुन्दरता को अनुभव किया है। होमर के गठीले नक्श भी मुझे प्यारे लगते हैं, क्योंकि वह भी अंधेपन से परिचित था।

15. Soon this ………………………………………….. fascinating a study!
अनुवाद : इस प्रकार अपने दूसरे दिन मैं कला के माध्यम से मानव आत्मा की पड़ताल करने का प्रयास करूंगी जिन चीजों को मैं स्पर्श से जानती थी, उन्हें देख सकूगी। इससे से भी अधिक बढ़कर, चित्रकला का समस्त संसार मेरे लिए खुल जाएगा। मुझे केवल सतही ज्ञान प्राप्त होगा। कलाकार मुझे बताते हैं कि कला की गहरी व सच्ची प्रशंसा करने के लिए आँख को शिक्षित करना आवश्यक है। रेखा, रचना, आकृति और रंग के गुणों को परखने के लिए अनुभव द्वारा सीखना पड़ता है। यदि मेरी आँखें होती, तो मैं कितनी प्रसन्नता से इस मोहक अध्ययन को आरम्भ कर देती।

16. The evening of ……………………………. in the motion.
अनुवाद : अपने दूसरे दिन की सायं मैं किसी नाटकशाला या सिनेमा में व्यतीत करना चाहूंगी। मुझे हेमलट की मोहक आकृति, या मनमौजी फाल्स्टाफ को एल्जबथन सज्जा के बीच देखना कितना अच्छा लगेगा। मेरा लयबद्ध गति का सौन्दर्य मेरे हाथों के स्पर्श क्षेत्र तक ही सीमित है। मैं पवलवा नृत्य के लालित्य का धुंधला सा अनुमान लगा सकती हूँ, क्योंकि मैंने संगीत की लय का अनुभव प्रायः फर्श के स्पंदन से किया है। मैं कल्पना कर सकती हूँ कि वह लयबद्ध गति संसार में सबसे अधिक मनोहर दृश्य होगी। मैंने इसकी कुछ जानकारी संगमरमर की मूर्तियों पर अपनी अंगुलियाँ घुमा कर प्राप्त की है। यदि यह स्थिर लालित्य इतना मोहक हो सकता है, तो इस लालित्य को गति में देखना कितना उल्लासमय होगा।

17. The following morning ……………………….. my destination.
अनुवाद : अगली प्रभात मैं सूर्योदय का फिर से स्वागत करूँगी, उसमें नई खुशी, सुन्दरता का नया प्राकटय खोजने के लिए उत्सुक रहूँगी। आज, तीसरे दिन, मैं कामकाजी संसार में व्यतीत करूंगी, उन स्थानों के बीच जहाँ मनुष्य जीवन कार्य में व्यस्त होते हैं। नगर मेरी मंजिल होगी।

18. First, I stand at …………………………………. I am compassionate.
अनुवाद : सर्वप्रथम मैं किसी व्यस्त कोने पर खड़ी होकर लोगों को केवल देगी, दृष्टि से उनके दैनिक जीवन के बारे में कुछ समझने के लिए। मैं उनकी मुस्कान देख कर खुश होंगी। मैं गम्भीर संकल्प देखकर गर्व अनुभव करूंगी। मैं कष्ट देखकर दयावान होंगी।

19. Is troll down …………………………………… in the mass.
अनुवाद : मैं फिफ्थ एवेन्यू पर टहलूंगी। मैं अपनी दृष्टि किसी वस्तु विशेष पर केन्द्रित न करूंगी, ताकि मैं कोई वस्तु विशेष न देखकर केवल रंगबिरंगा विस्तृत दृश्य देखुंगी। मुझे विश्वास है कि भीड़ में घूमती हुई महिलाओं के लिवासों के रंग ऐसा शानदार दृश्य होगा जिससे मेरा मन कभी न भरेगा। परन्तु यादें मेरा दृष्टि होती, तो मैं भी अन्य महिलाओं की भांति होती-फैशन की ओर इतना ध्यान देती कि भीड़ में रंगों की सुन्दरता न देखती।

20. From Fifth Avenue ………………………… Work and live.
अनुवाद : फिफ्थ एवेन्यू से मैं नगर में घूमूंगी-झुग्गी झोपड़ियों में, कारखानों में पार्कों में जहां बच्चे खेलते हैं, मैं विदेशी अवासों के क्षेत्र में जाकर मैं बिना विदेश जाए वहाँ का दौरा करूंगी। मेरी आँखें सुख-दुख देखने के लिए सदा खुली रहेंगी। ताकि मैं गहराई से खोज कर सकूँगी और अपने ज्ञान में बढ़ोतरी कर सकूँगी कि लोग कैसे काम करते है और कैसे रहते हैं।

21.My thirdday………………………………..the human spirit.
अनुवादः मेरा दृष्टि वाला तीसरा समाप्त होने को है। सम्भवतः कई गम्भीर कार्य हैं जिनकी ओर मुझे शेष कुछ घंटे अर्पित करने चाहिए। परन्तु मुझे लगता है कि उस अंतिम दिन की सांय मुझे फिर से नाटकशाला की ओर भाग जाऊँगी। कोई उल्लासभरा मजाकिया नाटक देखने, ताकि मानव हृदय में कामदी के अधिस्वर की प्रशंसा कर सकूँ।

22.At mid night ………………………….. left unseen.
अनुवाद : आधी रात के समय स्थाई रात फिर मुझ पर छा जाएगी। स्वाभाविक ही है, कि उन तीन संक्षिप्त दिनों में मैं वह सब कुछ न देख सकूँगी जो मैं देखना चाहती थी। केवल जब रात फिर से मुझ पर उतर जाएगी, में अनुभव करूंगी कि मैंने कितना अनदेखा छोड़ दिया है।

23. Perhaps this short ……………………. before you.
अनुभव : सम्भवत: यह संक्षिप्त रूपरेखा उस कार्यक्रम से मेल न खाएगी जो आप अपने लिए बनाएंगे यदि आपको पता चल जाए कि आप अंधे होने वाले हैं। परन्तु मुझे विश्वास है कि यदि आप के भाग्य में ऐसा लिखा हो तो आप अपने चक्षुओं का प्रयोग इस प्रकार करोगे जैसा कि आपने कभी न किया था हर उस चीज के लिए जो आपको दृष्टि गोचर होती है। तब, आप वास्तव में देखेंगे, और एक नई सुन्दर दुनिया आपके सामने खुल जाएगी।

24. I who am blind …………………………. Which Nature provides.
अनुवाद : मैं जो अँधी हूँ, एक सुझाव उनको दे सकती हूँ जो दख सकते हैं। अपनी आँखों का प्रयोग ऐसे करों जैसे तुमने कल ही अँधा हो जाना है। और वह ढंग अन्य इन्द्रियों के लिए भी किया जा सकता है। आवाजों का संगीत ऐसे सुनो, पक्षी का गीत ऐसे सुनो जो विशाल वृन्दवाद्य हैं, जैसा कि कल ही तुम बहरे होने वाले हो, हर वस्तु को ऐसे छूओ जैसे कल आपके छूने की इन्द्री काम करना छोड़ देगी। फूलों की सुंगध ऐसे सूंघो, हर निवाले का स्वाद ऐसे लो जैसे कि कल आप कुछ न सूंघ सकेंगे या चख सकेंगे। आनन्द व सुन्दरता के हर पक्ष में गर्व अनुभव करो जो कि प्रवृति आप को कई प्रकार के संपर्क द्वारा प्रदान करती है।

25. But ………………………………. delightful.
अनुवाद : परन्तु सब ज्ञानेइन्द्रियों में मुझे विश्वास है दृष्टि सबसे अधिक आनन्दमय है।

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