कंप्यूटर और टी.वी. का प्रभाव निबंध – Computer Aur Tv Essay In Hindi

कंप्यूटर और टी.वी. का प्रभाव निबंध – Essay On Computer Aur Tv In Hindi

कहा जाता है- ‘आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है।’ जब-जब मनुष्य को आवश्यकता महसूस हुई तब-तब आविष्कार हुए है। जंब मनुष्य आदिमानव था, तब उसने पत्थर को रगड़कर आग का आविष्कार किया। इस प्रकार नित नए आविष्कार होते रहे, युग बदलते रहे। विज्ञान के क्षेत्र में मनुष्य ने नए-नए आविष्कार कर जीवन को सरल बना दिया है। कंप्यूटर और दूरदर्शन – ये दोनों विज्ञान की आवश्चर्यजनक एवं अद्भुत देन है।

साथ ही, कक्षा 1 से 10 तक के छात्र उदाहरणों के साथ इस पृष्ठ से विभिन्न हिंदी निबंध विषय पा सकते हैं।

आज जीवन के लगभग हर क्षेत्र में कंप्यूटर का प्रवेश हो गया है। आज कंप्यूटर हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है। यह एक ऐसा मस्तिष्क है जो लाखों गणनाएँ पलक झपकते ही कर सकता है और वह भी त्रुटिरहित। कंप्यूटर के द्वारा रेल तथा वायुयान का आरक्षण किया जाता है। बैंकों और दफ्तरों का हिसाब-किताब रखा जाता है तथा अनेक प्रकार की जानकारियाँ प्राप्त की जाती हैं।

मुद्रण और दूरसंचार में तो क्रांति ला दी है। अब मुद्रण बहुत सरल तथा कलात्मक हो गया है तथा अत्यंत त्वरित गति से किया जा सकता है। दूर संचार में इंटरनेट पर विश्व की कोई भी जानकारी घर बैठे प्राप्त की जा सकती है। कंप्यूटर का उपयोग रक्षा उपकरणों विज्ञान संचालन आदि में भी सफलतापूर्वक किया जा रहा है। आधुनिक युद्ध कंप्यूटर के सहारे ही लड़े जाते हैं। अब कंप्यूटर का उपयोग ज्योतिषी भी करने लगे हैं। इस प्रकार कंप्यूटर का सकारात्मक पक्ष अत्यंत उज्ज्वल है।

कंप्यूटर के कुछ नकारात्मक प्रभाव भी है। कंप्यूटर के प्रयोग से भारत जैसे देश में बेकारी बढ़ी है। साथ ही कंप्यूटर पर वायरस डालकर दुरुपयोग किया जा रहा है। कभी-कभी कुछ अश्लील सामग्री भी डाल दी जाती है।

दूरदर्शन ने मनोरंजन के क्षेत्र में क्रांति उपस्थित की है। दूरदर्शन से देश-विदेश की जानकारी घर बैठे मिल जाती है। घर बैठे-बैठे संसार के किसी कोने में हो रहे कार्यक्रमों समारोहों तथा उत्सवों को अपनी आँखों के सामने देखा जा सकता है। दूरदर्शन पर आकाश की ऊँचाइयों, समुद्र की गहराइयों तथा प्रकृति के रहस्यों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

आजकल इसका प्रयोग छात्रों को पढ़ाने में भी किया जा रहा है। दूरदर्शन जन जागरण का साधन भी बन गया है। दूरदर्शन का नकारात्मक पक्ष भी है- जो दूरदर्शन स्वस्थ मनोरंजन प्रदान कर सकता है, वही सांस्कृतिक प्रदूषण भी फैला रहा है। दूरदर्शन के विभिन्न चैनलों पर अनेक कार्यक्रम ऐसे होते हैं, जिन्हें सारा परिवार एक साथ बैठकर नहीं देख सकता। इस पर दिखाई जाने वाली फ़िल्में युवा वर्ग को दिग्भ्रमित करके अपनी संस्कृति से विमुख कर रही है। फैशन तथा अपराधों को बढ़ाने में दूरदर्शन की भूमिका असंदिग्ध है।

इस प्रकार निष्कर्ष तौर पर हम कह सकते हैं कि कंप्यूटर और दूरदर्शन के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए, हमें ऐसी बातों का विरोध करना होगा जो इन दोनों को हानिकारक बनाते हैं। हमें ऐसे कार्यक्रमों का विरोध करना होगा जो हमारी संस्कृति, परंपरा तथा अवस्थाओं के विरुद्ध है। इसी प्रकार कंप्यूटर पर वायरस डालने का भी पता लगाना होगा।

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