Little Girls Wiser Than Men Summary in English and Hindi by Leo Tolstoy

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Little Girls Wiser Than Men Summary in English and Hindi by Leo Tolstoy

Little Girls Wiser Than Men Written by Leo Tolstoy Introduction

It is the story of two girls. Akoulya and Malasha, who play together and for certain reasons fight among themselves. But finally so removing their malice they forget all about it They again play together. Leo Tolstoy has very nicely characterised the innocence of not only those little girls but childrens as a whole in the present lesson.

Little Girls Wiser Than Men Summary in English

Akoulya and Malasha are two little girls. They live separately in different houses. They meet in the lane. It is the occasion of the Easter festival. They have put on fancy clothes and jewelery and a red handkerchief on their heads. They have come from church. Both of them start playing together in the open space and then after in a small pool of water, striking it for fun.

Due to sudden thrust by Malasha the water sprinkled over the frock, eyes and nose of Akoulya causing stain of mud on it. On seeing it Akoulya looses her temper and rebukes her. She also runs after Malasha to strike her. Malasha being frightened comes out of the pool to run her house.

Meanwhile, seeing all these things, people from both the sides and many others gathered there. There becomes a big mess. Everybody is shouting without listening to others. In the meantime Akoulya’s grandmother comes to make the situation peaceful. But her efforts become fruitless. She fails to pacify people who indulge in shouting and quarreling. All of a sudden the situation takes a happy change. Akoukya and Malasha, forgetting their malice come together dig the land beside the small pool up to the extent that water runs out into the street where those people have gathered.

Akoulya’s grandmother is much pleased to see the innocence and goodness of both the girls. She says to the people to see how the two girls have become friends forgetting their misunderstanding and dispute. “You have come, to join hands in the quarrel, from one side or other. The two little innocent girls have patched up their misunderstanding, but you do not. As such they are wiser than you.” The men looking at the girls being ashamed, return to their houses.

Thus, the story ended in comedy leaving a message of cordiality and peaceful co-existence. It also throws light on the innocence and forgiveness shown by the little children. So, they are undoubtedly wiser than elder persons.

The writer farther adds that only those who are wise like little children shall enter into the kingdom of heaven.

Little Girls Wiser Than Men Summary in Hindi

अकल्या तथा मलाशा दो छोरी बालिकाएँ हैं। वे अलग-अलग मकानों में रहती हैं। उनकी भेंट एक गली में होती है। य: ईस्टर पर्व का अवसर है। वे आकर्षक पोशाक तथा आभूषण धान किए हए हैं। उनके सिर पर एक लाल रूमाल बँधा है। वे गिरजाघर होकर आई हैं।
नों खुले मैदान में खेलना प्रारम्भ करती हैं। उसके बाद वे एक छोटे तालाब में जाकर उसके जन में खेलने लगती हैं तथ, मनोरंजन के लिए जल को जोर से उछालती हैं।

अचानक तेजी से पानी में मलाशा द्वारा झटका लगाने से गंदे पानी की छींटा अकुल्या की फ्रॉक, आँख तथा नाक पर पड जाती है जिससे उस पर कीचड के दाग लग जाते हैं। इसे देखकर अकल्या क्रोध में आ जाती है तथा उसे फटकारने लगती है। वह मलाशा को पीटने के लिए उसके पीछे दौड़ पड़ती है। भयभीत होकर मलावा अपने घर की ओर भागने के लिए तालाब से बाहर आती है।

इस बीच इस घटनाक्रम को देखकर दोनों लड़कियों के समर्थन में उनके अपने लोग तथा आसपास के अनेकों अन्य व्यक्ति वहाँ एकत्र हो जाते हैं । वहाँ अराजकता की स्थिति पैदा हो जाती है। प्रत्येक व्यक्ति केर-शोर से चिल्ला रहा है। कोई भी आदमी किसी की कोई बात सुनना भी नहीं चाहता है। उसी समय अकुल्या की दादी वहाँ के वातावरण को शान्त करने के लिए पहुंचती है।

किन्तु उनका प्रयास निष्फल हो जाता है, जो व्यक्ति शोर मचा रहे हैं तथा झगड़ रहे हैं, उनको शांत तथा संतुष्ट करने में वह असफल हो जाती हैं। अचानक स्थिति में एक सुखद परिवर्तन आता है। अकुल्या तथा मलाशा अपनी दुर्भावना तथा द्वेष को भूलकर आपस में मेल कर लेती हैं। वे उस तालाब के निकट की भूमि को उस स्तर तक काट देती हैं, जिसके द्वारा जल गली में इकट्ठे हुए व्यक्तियों तक पहुंच जाए।

दोनों लड़कियों के भोलापन तथा सुन्दर व्यवहार को देखकर अकुल्या की दादी अत्यन्त प्रसन्न हो जाती हैं। वहाँ एकत्रित जनसमूह को वह इस बात पर गौर करने को कहती है कि “किस प्रकार दोनों लड़कियाँ अपनी गलतफहमी तथा विवाद को भूलकर पुन:परस्पर मित्र बन गई हैं। आप लोग इस झगड़े में एक पक्ष अथवा दूसरे पक्ष का समर्थन करने आए हैं। दोनों छोटी भोली-भाली बालिकाओं ने अपनी गलतफहमी तथा विवाद को समाप्त कर दिया, किन्तु आप लोग ऐसा नहीं कर सके। अत: वे दोनों आपसे अधिक बुद्धिमान हैं।” वहाँ उपस्थित लोग लड़कियों पर दृष्टि डालते हुए लज्जित होकर अपने घर वापस लौट आए।

इस प्रकार इस कहानी का सुखान्त समापन होता है । उक्त कहानी का घटनाक्रम अपने पीछे शांति एवं सौहार्द का संदेश छोड़ जाता है तथा छोटी लड़कियों द्वारा प्रदर्शित भोलापन तथा क्षमाशीलता को भी यह रेखांकित करता है। अतः निर्विवाद रूप से वे प्रौढ़ व्यक्तियों से अधिक ‘बुद्धिमान हैं।

लेखक की यह भी मान्यता है कि वे व्यक्ति ही स्वर्ग के साम्राज्य में प्रवेश करेंगे जो इन छोटी लड़कियों के समान बुद्धिमान हैं।

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