I Pass The Delhi Test Summary in English and Hindi by Sunil Gavaskar

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I Pass The Delhi Test Summary in English and Hindi by Sunil Gavaskar

I Pass The Delhi Test by Sunil Gavaskar About the Author

About the author-Sunil Manohar Gavaskar, born on 10 July 1949 has been the legendary Indian opening batsman. He is also a renowned T.V. Commentator and prolific writer. He has written many articles in leading journals. He has authored three books;-Sunny Days (1976), Idols (1983) and Runs’n Ruins. (1981). All these three books have a best selling records. Born and brought up in Bombay where he got educated in St. Xavier’s High School and College. He is called “Little master” also, because of his short height. He is the first batsman in test cricket to have surpassed Don Bradman’s World record of 29 test centuries in cricket. By the time he retired from the test cricket career, he had made 34 test centuries in 125 test matches. Thus he has set a new world record.

I Pass The Delhi Test Summary in English

Write in short the summary of the piece “I Pass the Delhi Test.”
The present extract, -“I Pass the Delhi Test” has been taken from Sunil Javaskar’s book “Run’n Runins”’. In this book he recounts his experiences when he was going through a lean pitch of his career.

The essay relates to the cricket career of the great Indian batsman S.M. Gavaskar. He is the first Indian batsman in the test cricket who has surpassed Don Bradman’s world record of 29 test centuries. He had made 34 centuries so far during his test career.

He has presented the picture of a test match played at Delhi Stadium. At that time his batting performance was most unsatisfactory. His second book, “Idol” was released by Kapil Deo. Clive Llyod was the chief guest. Michael Holding and Jeff Dujon honoured the function, earlier to the beginning of the test match.

Gavaskar was running short of form and his confidence had gone low at that time. He had not produced sufficient runs for months in the past. His wife’s friend Bijoya who came to him and his wife advised him to do well the next day in the test match. Some other girls also requested him to score the fastest century of his career. There were some critics also. Some of them passed certain derisive comments, who had come to watch him practicing on the nets.

Gavaskar received some message by post, with words of encouragement and happy wishes. Amidst mixed reaction, adverse and favourable, Gavaskar stood on the wicket as an opener batsman. Amidst the ferocious extremely fast bowling he stood like an iron gate. Thus he added another century in his test career by facing 94 most forceful deliveries (balls). It was his fastest century, ever made during his test cricket career. It was the result of his firm determination with a strong will and, the encouragement, good wishes and prayer of his admirers and Indian people, as well as the chide of some spectators. Yet he did not treat it as the best century of his career. He says, “My best test century was the one scored at old Trafford in 1974. There the conditions were against batting and I had not scored a test century for three and a half years.”

Gavaskar had certain qualities. During his test cricket career he never lost his patience. He is a good planner and played the test matches strategically and wisely. He was never hasty, nervous, confused and reckless while batting and faced the ball with strong will. He adopted the same trend in his personal life, off the cricket ground, even.

Gavaskar’s life is a wonderful example of how failure can be the pillars of success, provided one has the determination to do so.

I Pass The Delhi Test Summary in Hindi

1. We had another two……………………..was very cordial.
अनुवाद-दूसरा टेस्ट मैच आरम्भ होने से पहले अभ्यास करने के लिए दिल्ली में हमारे पास दो दिन थे । टेस्ट की पूर्व संध्या पर भारतीय कप्तान कपिल देव द्वारा मेरी दूसरी पुस्तक ‘आइडल्ज’ का विमोचन हुआ, ओर क्लाइव लॉइड मुख्य अतिथि थे। माइकल होल्डिंग और जैफ डूजन ने अपनी उपस्थिति से समारोह को सम्मान दिया। बहुत से पत्रकार वहाँ थे और वातावरण मैत्रीपूर्ण था।

2. Within hours the……………..a single room.
अनुवाद-कुछ ही घटों में युद्ध (मैच) फिर से शुरू होने वाला था, इसलिए विश्राम करने हम होटल में लौट गए। परंतु आराम न मिला क्योंकि मेरी पत्नी की कॉलेज के समय की सहेली बिजोया उसे मिलने अचानक आ गई। क्योंकि वे एक-दूसरे को सात-आठ वर्ष पश्चात् मिल रही थी। उन्होंने बहुत से समाचार एक-दूसरे को देने थे व गपशप करनी थी। सायं के समय बिजोया के भाई व बहनें अपने पति/पत्नियों के साथ आ गए, परिणामस्वरूप हमारे छोटे-से कमरे में बिना तैयारी के पार्टी हो गई। यह पहला अवसर था कि मैं कप्तान बनने के सौभाग्य से वंचित रह गया था, क्योंकि कैप्टन को कमरों का सूट मिलता है और वह अपने अतिथियों का अतिथि-सत्कार भली-भाँति कर सकता है। अधिकतर होटल व स्थानीय क्रिकेट एसोसिएशन मुझ पर दयालु होकर मुझे अलग कमरा दे देते थे। यद्यपि घरेलू सीरिज में केवल कैप्टन ही अलग कमरा प्राप्त करने का अधिकारी है। और यदि उप-कप्तान भी मनोनीत होता है तो उसे भी अलग कमरा मिलता है।

3. Bijoya and her sisters…………………..at that stage.
अनुवाद-बिजोया व उसकी बहनें लगभग आधी रात के समय गईं, और बिजोया मुझे चेतावनी दे गई कि अगले दिन मैं अच्छा खेलूँ क्योंकि टेस्ट मैच में यह उसका पहला दिन था। इससे पहले सायं को जब हम आइडल्ज के विमोचन समारोह से लौट आए थे कुछ युवतियों ने मुझे सम्बोधित करके कहा था कि मैं अगले दिन अपने जीवन की सबसे तेज सेंचुरी (शतक) मारूँ। मुझे याद हैं कि मैं इस पर हँसा था क्योंकि उस मैच में मैं इससे आधा भी प्राप्त करके प्रसन्न होता, इस समय मेरा आत्मविश्वास इतना निम्न था।

4. It was certainly……………………………..he is down.
अनुवाद-नि:संदेह इससे उन लोगों की उपहासजनक टिप्पणियों से कोई सहायता न मिली जो उस दिन सवेरे हमें अभ्यास करते देखने आए थे। मैंने बल्कि भीड़ में से एक आदमी को पकड़ लिया था जिसने कोई अप्रिय बात कही थी और उसके साथ कहा-सुनी भी की थी। मैं नेट पर से जाकर कपड़े बदलने वाले कमरे में जा बैठा था, और कपिल को सूचित कर दिया था कि भीड़ से झगड़ा करने के बजाए मेरे लिए अन्दर बैठना अच्छा रहेगा । लगता था कि कपिल को मेरा नेट छोड़कर जाना अच्छा न लगा था, परंतु उस समय उसने कुछ न कहा था । मेरा इरादा भीड़ के कटाक्षों से परेशान होने के बजाय शान्त होकर आराम करने का था। भारत में सब जगह भीड़ मूलतः एक समान है और वे जब कोई आदमी हार रहा हो तो उसे ठोकरें मारने में विशेषकर दक्ष हैं।

5. Next morning…………………….that much keener.
अनुवाद-अगली प्रातः मैं सामान्य समय से पहले उठा और देखा कि समाचार पत्रों के साथ कुछ संदेश भी दरवाजे के नीचे से अन्दर डाले हुए थे। दो-एक संदेशों का भी बड़ा महत्त्व होता है और इसलिए जब मैं मैदान में गया, मैं विश्रात था और पूर्णतः तनावरहित था। रिवाजी खेल के पहले की वर्जिश के पश्चात् जो कि आजकल के लगातार क्रिकेट के जमाने में अति आवश्यक रिवाज है, हम ड्रेसिंग रूम में चले गए। मैनेजर प्रसन्नचित व्यक्ति दलीप सरदेसाई था, जो हमसे हँसी-मजाक कर रहा था। तब बड़ी मुस्कान लिए कपिल यह कहते हुए अन्दर आया कि उसने टॉस जीत लिया है और बैटिंग (बल्लेबाजी) हम करेंगे। उन शब्दों के साथ जानी-पहचानी पेट की मांस-पेशियाँ कसने लगी, और यह चेतना आ गई कि एक और टेस्ट मैच शुरू होने वाला था। चाहे किसी ने कितने साल या कितने टेस्ट मैच खेले हों, मानसिक तनाव कभी समाप्त होता प्रतीत नहीं होता। वास्तव में यह अच्छी बात है क्योंकि इस से पता चलता है कि कोई व्यक्ति अपने कार्य के बारे में कितना चिन्तित है और तनाव उसे अधिक तीक्ष्ण बना देता है।

6. I had planned how……………………going to hook.
अनुवाद-मैंने योजना बना ली थी कि मैं बाउलिंग का सामना कैसे करूँगा। इसलिए जब मैं और अंशुमन बल्लेबाजी करने गए, तो मैं निश्चित था । सामान्यतः दिल्ली की विकेट बल्लेबाजी के लिए अच्छी है यद्यपि आरम्भ में यह संधि-रेखा (सीम) बाऊलिंग में सहायक होती है। परंतु उस प्रातः गेंदबाजों को कोई सहायता न मिली । फिर भी वेस्ट इंडीज वाले गेंद को हवा में उछालने में तेज नहीं हैं, परंतु वे गेंद को पिच लेने के पश्चात् गति दे देते हैं, जो कि और भी कठिन है। मार्शल की तीसरी गेंद पर मैं ऑफ द मार्क था और मुझे दो रन मिल गए । इससे एक और बाधा पार हो गई । कोई बल्लेबाज डक का अंक नहीं चाहता । जब कोई पहला रन बनाकर खाता खोलता है, तो बड़ा चैन अनुभव होता है कि वह पूर्णतः असफल नहीं होगा, जो कि शून्य अंक से प्रकट होता है। उस ओवर में बाउंसर (उछाला) था, और मैंने उसे हुक कर दिया, जिससे गेंदबाज के चेहरे पर भौंहें चढ़ गईं और फिर चालाकी भरी मुस्कान आ गई। मैं भी मुस्करा दिया यह कहने के लिए, “ठीक है, आज तुम बाउंस करो (उछालो) और मैं हुक करूंगा।”

7. In the next over……………………..six runs instead.
अनुवाद-अगले ओवर में मुझे और भी तीव्र बाउंसर (उछालती गेंद) मिला जिसे मैंने हुक करने के बजाए बाउंडरी के लिए मारा और मैं जान गया कि वह मेरा भाग्यशाली दिन होने वाला है। प्रत्येक बार जब मार्शल गेंद उछालता मैं हुक कर देता । दो बार खतरा हुआ, एक शारीरिक और एक और जो मेरी खेलने की अवधि समाप्त कर देता । जब मैं सोलह रन पर था, एक बाउंसर सरसराता हुआ मेरे चेहरे पर आया और मैं मार न सका, परंतु सौभाग्य से गेंद मेरे हैट से रगड़कर डूजन के दस्तानों में बाहर फिसल गई । अम्पयार ने कोई संकेत न दिया, इसलिए मेरे नाम से रन जोड़ दिए गए । यद्यपि वास्तव में मैंने गेंद को छुआ न था। सम्भवतः अम्पयार को गेंद के मेरे हैट से रगड़ने की ध्वनि से गलती लगी, और इस घटना को मेरे विरुद्ध लिखा जाएमा । मैं शिकायत नहीं कर रहा था क्योंकि मुझे कुछ रन मिल रहे थे, और टेस्ट मैच में प्रत्येक रन महत्त्वपूर्ण होता है। दूसरा खतरा तब हुआ जब मैंने गेंद को मिडल पर से मार दिया था परंतु वह इतनी ऊंची उठी जहाँ से रोजर हार्पर या जोयल गार्नर उछल के पकड़ लेते । सौभाग्य से फील्डर उन दोनों की भाँति लम्बा न था, और मुझे छः रन मिल गए।

8. I was enjoying………………………for more runs.
अनुवाद-मैं खुश था क्योंकि गेंदे अच्छी प्रकार आ रही थीं और कोई भी व्यक्ति विकिट से इधर-उधर होने की चिन्ता किए बिना गेंद खेल सकता था। इसलिए इन इनिंग में गेंद को जोर से समकोण पर मारने या सीधा मारने के अवसर हुए। मेरा बल्ला भी अच्छा था, इसलिए गेंद आज्ञाकारी वस्तु की भाँति वहीं जाती जहाँ उसे कहा जाता था। मुझे कोई संकेत न मिला कि मैं पचास रन बना चुका था, क्योंकि लगता था कि तालियाँ न बजी थीं। तत्पश्चात् मुझे पता चला कि मैंने वह बाउंड्री के शॉट के साथ उसे प्राप्त किया था और इसलिए तालियाँ उसमें मिल-जुल गई थीं। मैं अंकपट्ट (स्कोर बोर्ड) या घड़ी की ओर नहीं देखता जब मैं बल्लेबाजी करता हूँ। इससे कई लोगों को आश्चर्य होता है, परंतु यह कोरा सत्य है। यह अंधविश्वास नहीं है, बल्कि मैं कम तनाव में रहता हूँ, और इस प्रकार मैं अधिक विश्रात होता हूँ। बजाए इसके मुझे विदित हो कि मैं शतक के समीप हूँ। जब कोई (खिलाड़ी) शतक के समीप होता है और वह यह जानता है, तो जल्दबाजी व अधीर होने की और विकेट गंवाने की सम्भावना रहती है। और आखिर में, मेरा सदा यह विश्वास रहा है कि अधिक रनों की चाहत में शतक केवल एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।

9. Thus when I flicked……….. …………….is finished with me.
अनुवाद-जब मैंने मार्शल की गेंद को मिड ऑन से परे बाउंड्री के लिए मारा, तो मुझे आश्चर्य हुआ जब दिलीप वेंगसरकर ने (दौड़कर) बीच में ही रुककर कहा, “बढ़िया खेल”, और अपना हाथ मेरी ओर बढ़ाया। मेरे चेहरे के भाव देखकर वह समझ गया होगा कि मुझे अपने रनों की संख्या का पता न था क्योंकि वह बोला, “हे भगवान, यह तुम्हारी उन्तीसवीं है।” जैफ डुजग्ने और विव रिचर्डस ने मेरा हाथ दबाया और मुबारकवाद दी और क्लाइव लायड फर्स्ट स्लिप से हाथ मिलाने आ रहा था। मैंने अपना सिर अचरज से हिलाया, क्योंकि मैं अपने मन में सोच रहा था कि मैं अभी 80 के दशक में था परंतु मैं शतक से आगे निकल चुका था। यह स्तभित करने वाला क्षण था । जबसे मैं वेस्ट इंडीज से लौटा था, लोग बड़े उत्सुक थे कि में 29वां शतक बनाऊँ, और इसलिए चाहे मैं वायुयान में होता, टैक्सी, दफ्तर, होटल लॉबी या रेस्तरों में होता, अपरिचित लोग मेरे पास आकर मुझे वह शतक बनाने की शुभकामनाएं देते थे। मैं जितना उनके मनोभावों की सराहना करता, हमें ’29वीं चाहिए’ की पुकार कर्णभेदी होती जाती। इसलिए वह शतक बनाकर और अपने देशवासियों के चेहरों पर खुशी देखकर बड़ा चैन मिला । उन्होंने इसकी बड़े धैर्य से प्रतीक्षा की थी, इसके लिए प्रार्थना की थी और सम्भवतः जब मैं इसके लिए संघर्ष कर रहा था, तो उनके जीवन में तनाव था। मैं किसी प्रकार भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त नहीं कर सकता कि जिस प्रकार मेरे कार्यकाल में उन्होंने मुझे सहारा दिया, साहस दिया, और कभी डॉटा भी । मैं तो यही कल्पना करता हूँ कि मैं उनकी प्रेम भरी दिलचस्पी का बदला जब तक मैं टेस्ट मैच खेलना बंद नहीं करता, तब तक अधिक से अधिक रन बनाने का प्रयास करके चुकाऊँ।

10. The rest of the innings……………………my cricketing life.
अनुवाद-शेष पारी धुंधलके की भांति है क्योंकि मैं ऐसा खेला जिसे अचेत रूप से खेल रहा था और इस में कोई आश्चर्य की बात न थी जब लैरी गोम्ज ने मेरे ऑफ स्टम्प बैक को पीट दिया जब मैं आगे बढ़कर खेल था और गेंद को न मार सका था। मेरा शतक 94 गेंदों में हुआ था। मुझे बताया गया था और मुझे आश्चर्य हुआ था क्योंकि मैंने शतक प्राप्त करने के लिए सभी बल्ले भी न मारे थे। अधिकतर मेरे शतक एक-एक, दो-दो करके प्राप्त हुए थे और उनमें समय लगा था और यह सबसे जल्द प्राप्त हुआ था, समय और गेंदों की संख्या का सामना करने के हिसाब से । फिर भी यह मेरा सर्वोत्तम शतक न था। मेरा टेस्ट मैच का सर्वोत्तम शतक ओल्ड ट्रफोर्ड में 1974 में प्राप्त हुआ था। वहाँ पर परिस्थितियाँ बल्लेबाजी के विपरीत थीं और मैंने साढ़े तीन वर्ष से कोई टेस्ट मैच शतक नहीं बनाया था । वास्तव में जो पिछली बार बनाया था वह 1971 में प्रारम्भिक श्रृंखला में वेस्ट इंडीज में बनाया था। इसलिए उस समय मेरे मन में अपनी रन बनाने की योग्यता पर संदेह था। मानचेस्टर में वह उपलब्धि मेरे कार्यकाल का महत्त्पूर्ण बिन्दु था जिसने मेरे क्रिकेट जीवन को नई अवधि प्रदान की थी।

Word-Meanings:
spouses(n) : husband or wife = पति/पत्नी, impromptu(Adj) : unplanned = बिना तैयारी के, grin(n): smile = मुस्कान, irrespective(Ad):despite = ध्यान किए बिना, score a duck get no run = कोई रन न बनना, utter(Adj) : complete = पूर्णतः, frown(n) : furrows on the forehead = भौंहे चढ़ाना, nicked(v) : touched = छुआ, milestone(n): an important stage in one’s achievement= मील का पत्थर; महत्त्वपूर्ण उपलब्धि, strident(Adj) : harsh = कर्णभेदी, chided(v) : rebuked = डाँटा, lease(n): term, period = पट्टा, debut(n) : the first time a player appears = प्रारम्भ ।

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