Daily practice of Class 9 Hindi Important Questions and Class 9 Hindi Ganga Chapter 1 Extra Question Answer दो बैलों की कथा builds a strong language foundation over time.
Class 9 Hindi दो बैलों की कथा Extra Question Answer
Class 9 Hindi Chapter 1 दो बैलों की कथा Extra Question Answer
दो बैलों की कथा Extra Question Answer लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
काँजीहौस में कैद पशुओं की हाजिरी क्यों ली जाती होगी?
उत्तर:
काँजीहौस में लावारिस पशुओं को पकड़कर बंद किया जाता है तथा उनका एक रजिस्टर में रिकार्ड रखा जाता है। उन पशुओं की रोजाना हाजिरी ली जाती है ताकि पता लग सके कि कोई पशु गायब तो नहीं हो गया।
प्रश्न 2.
छोटी बच्ची को बैलों के प्रति प्रेम क्यों उमड़ आया?
उत्तर:
छोटी बच्ची की माँ मर गई थी। उसकी सौतेली माँ उसे प्यार नहीं करती थी, बल्कि मारती रहती थी। वह बच्ची प्रेम की भूखी थी। घर में बैलों को भूखा देखकर उनके प्रति उसके मन में प्रेम उमड़ आया था। वह उन्हें रोटी खिलाने आती थी।
प्रश्न 3.
कहानी में बैलों के माध्यम से कौन-कौन से नीति-विषयक मूल्य उभरकर आए हैं?
उत्तर:
कहानी के माध्यम से निम्नलिखित नीति-विषयक मूल्य उभरकर आए हैं-
- सीधापन एवं सहिष्णुता वांछनीय गुण हैं। इन गुणों का सम्मान किया जाना चाहिए।
- हमें पशुओं के प्रति स्नेहपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। क्रूरता किसी भी प्रकार से उचित नहीं है।
- व्यक्ति के लिए उसकी स्वतंत्रता सर्वोपरि है। इसकी हर कीमत पर रक्षा की जानी चाहिए।
- हमें एक-दूसरे के साथ सहयोग करना चाहिए। इससे सभी समस्याएँ सुलझ जाती हैं।
प्रश्न 4.
बैलों की आँखों में विद्रोहमय स्नेह क्यों झलक रहा था?
उत्तरः
गया के घर दोनों बैलों को खाने के लिए रूखा-सूखा भूसा मिलता था। इसे देखकर उनकी आँखों में विद्रोह का भाव भर गया था, पर उसी घर में भैरों की एक लड़की भी थी, जो चुपके से उनको एक रोटी दे जाती थी। इससे बैलों की आँखों में स्नेह झलकने लगता था। दोनों की मिली-जुली भावना को ही विद्रोहमय स्नेह कहा गया है।
प्रश्न 5.
‘जानवरों में भी मानवीय संवेदनाएँ होती हैं।’ दो बैलों की कथा के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जानवर में भी मानवीय संवेदनाएँ होती हैं। वे भी आपस में प्रेम करना तथा प्रेम का अनुभव करना जानते हैं। बैल जानते हैं कि औरत जात पर सींग चलाना मना है। बैल एक नन्हीं बालिका के स्नेह की अनुभूति भी करते हैं। दोनों बैलों में परस्पर भी काफी आत्मीयता है। वे झूरी की भावना को भी समझते हैं।
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प्रश्न 6.
प्रस्तुत कहानी में प्रेमचंद ने गधे की किन स्वभावगत विशेषताओं के आधार पर उसके प्रति रूढ़ अर्थ ‘मूर्ख’ का प्रयोग न कर किस नए अर्थ की ओर संकेत किया है?
उत्तरः
प्रायः लोग गधे को रूढ़ अर्थ ‘मूर्ख’ के संदर्भ में प्रयुक्त करते हैं, पर लेखक ने गधे की स्वभावगत विशेषताएँ बताते हुए उसे सीधा और सहिष्णु जानवर बताया है। उसके सीधेपन और निरापद सहिष्णुता की वजह से उसे यह पदवी दी गई है। गधे में तो वे सभी गुण पराकाष्ठा पर पहुँच गए हैं, जो ऋषि-मुनियों में अपेक्षित माने जाते हैं।
प्रश्न 7.
किन घटनाओं से पता चलता है कि हीरा और मोती में गहरी दोस्ती थी?
उत्तर:
निम्नलिखित घटनाओं से पता चलता है कि हीरा और मोती में गहरी मित्रता थी-
दो बैलों की कथा ( कहानी )
- दोनों एक-दूसरे को चाटकर और सूँघकर अपना प्रेम प्रकट करते थे और कभी-कभी दोनों सींग मिला लिया करते थे।
- दोनों बैल हल या गाड़ी में जोते जाने पर यही चेष्टा करते थे कि ज्यादा से ज्यादा बोझ उसी की गर्दन पर रहे।
- दोनों बैल अपनी मूक भाषा में सलाह करके गया के यहाँ से रस्सियाँ तुड़ाकर वापस झूरी के यहाँ आ पहुँचे।
- विरोधस्वरूप दोनों बैलों ने गया के हल में जोते जाने पर पाँव भी न उठाया था।
- दोनों बैलों ने मिलकर खेत में मटर चरी।
- दोनों बैलों ने मिलकर साँड को मार गिराया।
- मोती हीरा को काँजीहौस में अकेला छोड़कर नहीं भागा, जबकि उसके सामने ऐसा करने का अवसर था।
- दोनों बैल दढ़ियल आदमी से जान छुड़ाकर इकट्ठे भागे थे।
प्रश्न 8.
‘दो बैलों की कथा’ के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि स्वतंत्रता सहज ही नहीं मिलती, उसके लिए संघर्ष करना पड़ता है।
उत्तर:
स्वतंत्रता पाने के लिए संघर्ष करना आवश्यक होता है। गया के घर से स्वतंत्रता पाने के लिए दोनों बैल घर से भाग निकले थे। इसी प्रकार काँजीहौस से स्वतंत्रता पाने के लिए मोती ने दीवार गिराई। उसने दो घंटे तक संघर्ष किया। तब कहीं जाकर वे स्वतंत्र हो सके और वहाँ से भाग निकलने में कामयाब हो पाए।
प्रश्न 9.
दढ़ियल ने बैलों की नीलामी में बोली क्यों लगाई थी?
उत्तरः
दोनों बैल मृतक के समान हो चुके थे। काँजीहौस के बाड़े के सामने उनकी बोली लगने लगी। सहसा एक दढ़ियल आदमी ने बैलों के कूल्हों में उँगली गोदकर मुंशीजी से बोली लगाई। संभवत: वह उनको मारकर गोश्त पाना चाहता था।
प्रश्न 10.
‘दो बैलों की कथा’ में गधे की क्या विशेषताएँ बताई गई हैं?
उत्तर:
गधा स्वभाव से सरल, सीधा, परिश्रमी और संतोषी जीव होता है। वह अपमान सहकर भी स्वामी का काम सरलता से कर देता है। उसमें विद्रोह का लेशमात्र भी नहीं होता है।
प्रश्न 11.
हीरा मोती द्वारा साँड को मार गिराने की घटना से क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर:
हीरा-मोती ने इकट्ठे मिलकर बड़े साँड को मार गिराया। इससे हमें प्रेरणा मिलती है कि मिलकर संघर्ष करो हर विपत्ति में अपने मित्र का साथ दो।
प्रश्न 12.
हीरा और मोती झूरी के घर वापस क्यों आए?
उत्तर:
हीरा और मोती झूरी के स्वामिभक्त बैल थे। वे झूरी के अपनत्व और सेवा से बहुत प्रसन्न थे। वे झूरी को छोड़कर और किसी के आश्रय में नहीं रहना चाहते थे। इसलिए वे गया के घर से पगहा तुड़ाकर उसके घर वापस आ गए।
प्रश्न 13.
हीरा-मोती गया का विरोध क्यों कर रहे थे?
उत्तर:
हीरा-मोती गया को अपना नहीं मानते थे। जब गया ने उनके साथ कठोरता का व्यवहार किया तो वे तनकर विरोध में खड़े हो गए।
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प्रश्न 14.
हीरा-मोती झूरी से किस कारण नाराज थे?
उत्तर:
हीरा-मोती ने समझा कि उनके स्वामी झूरी ने उन्हें बेच डाला है। वे स्वामिभक्त थे और झूरी के पास रहना चाहते थे। इसलिए प्रेम के कारण वे झूरी से नाराज़ थे।
प्रश्न 15.
हीरा और मोती गया के साथ क्यों नहीं जाना चाहते थे?
उत्तर:
हीरा और मोती गया के साथ इसलिए नहीं जाना चाहते थे क्योंकि उनका लगाव झूरी के साथ हो गया था। उन्हें गया जालिम प्रतीत हो रहा था। गया के घर उन्हें खाने को भी ठीक प्रकार से नहीं मिलता था। वह बैलों से भारी काम लेता था।
प्रश्न 16.
काँजीहौस में हीरा और मोती ने जानवरों को किस प्रकार बचाया?
उत्तर:
काँजीहौस में अनेक जानवर थे, जो मुरदों की तरह पड़े हुए थे। हीरा और मोती ने काँजीहौस की दीवार तोड़ने का निश्चय किया। मोती ने दीवार में सींग मारकर दो घंटे में दीवार गिरा दी। दीवार के गिरते ही अधमरे जानवर चेत उठे। घोड़ियाँ सरपट भाग निकलीं, फिर बकरियाँ निकली, फिर भैंसे मोती ने गधों को सींग मार-मारकर बाड़े के बाहर कर दिया। इस प्रकार उन्होंने अनेक जानवरों को बचाया।
प्रश्न 17.
“लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूल जाते हो।” – लेखक ने हीरा के इस कथन के माध्यम से स्त्री के प्रति किस सामाजिक विडंबना को इंगित किया है?
उत्तर:
लेखक ने हीरा के माध्यम से स्त्री जाति के प्रति इस विडंबना को इंगित किया है क्योंकि उसे पुरुष जाति के अत्याचार का शिकार बनना पड़ता है। पुरुष स्त्री पर जब चाहे हाथ उठा देता है। स्त्री जाति की विशेषता है कि उसे पुरुष की मार (अत्याचार) झेलनी पड़ती है।
प्रश्न 18.
किसान जीवन वाले समाज में पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को कहानी में किस तरह व्यक्त किया गया है?
उत्तर:
किसान वाले समाज में पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को झूरी और गया के संदर्भ में हीरामोती के माध्यम से प्रकट किया गया है। झूरी बैलों को बहुत चाहता है, उन्हें गले लगाकर मिलता है। वह उन्हें खूब प्यार करता है। गया बैलों के साथ ज्यादती करता है। उन्हें मारता पीटता है, खाने को सूखा भूसा देता है।
प्रश्न 19.
‘इतना तो हो ही गया कि नौ-दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे’-मोती के इस कथन के आलोक में उसकी विशेषताएँ बताइए।
उत्तरः
हीरा तो रस्सी में बँधा था और मोती ने सींग मार-मार कर काँजीहौस की आधी दीवार को गिरा दिया था। दीवार के टूटते ही वहाँ बंद नौ-दस प्राणी (जानवर) भाग गए। मोती हीरा की वजह से नहीं भागा। मोती को इस बात पर गर्व है कि उसके प्रयास से नौ-दस प्राणियों की जान बच गई। इस घटना से मोती की यह विशेषता पता चलती है कि वह परोपकारी है। वह सच्चा मित्र भी है क्योंकि वह अपने स्वार्थ के लिए हीरा को अकेला छोड़कर नहीं भागा, जबकि वह चाहता तो भाग सकता था। मोती साहसी भी है।
प्रश्न 20.
आशय स्पष्ट कीजिए-
(क) अवश्य ही उनमें कोई ऐसी गुप्त शक्ति थी, जिससे जीवों में श्रेष्ठता का दावा करने वाला मनुष्य वंचित है।
उत्तरः
मनुष्य यह दावा करता है कि वह जीवधारियों में सर्वश्रेष्ठ है, पर हीरा-मोती की श्रेष्ठता को देखकर उसका दावा खोखला रह जाता है। हीरा-मोती दोनों एक-दूसरे के मन की बात शीघ्र ही समझ जाते थे। लगता है कि उन दोनों में कोई गुप्त शक्ति थी। वह बाहर से दिखाई नहीं देती थी।
(ख) उस एक रोटी से उनकी भूख तो क्या शांत होती; पर दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल गया।
उत्तर:
बालिका द्वारा खिलाई गई रोटी उनकी भूख को मिटाने में तो असमर्थ थी, पर इससे उनके मन को बड़ी तसल्ली हुई थी। वे इससे प्रसन्न हुए।
प्रश्न 21.
गया ने हीरा मोती को दोनों बार सूखा भूसा खाने के लिए दिया क्योंकि-
(क) गया पराये बैलों पर अधिक खर्च नहीं करना चाहता था।
(ख) गरीबी के कारण खली आदि खरीदना उसके बस की बात न थी।
(ग) वह हीरा मोती के व्यवहार से बहुत दुखी था।
(घ) उसे खली आदि सामग्री की जानकारी नहीं थी।
सही उत्तर के आगे (✓) का निशान लगाइए।
उत्तर :
(ग) (✓)
प्रश्न 22.
हीरा और मोती ने शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाई लेकिन उसके लिए प्रताड़ना भी सही हीरा मोती की प्रतिक्रिया पर तर्क सहित अपने विचार प्रकट करें।
उत्तर:
हीरा और मोती ने काँजीहौस में पशुओं के प्रति किए जाने वाले शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाई। उन्होंने दीवार तोड़कर अन्य जानवरों को शोषण से मुक्त कराया। यद्यपि इसमें उन्हें प्रताड़ना सहनी पड़ी, पर वे इससे दुखी न थे। उनका कदम सही था।
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प्रश्न 23.
क्या आपको लगता है कि यह कहानी आजादी की लड़ाई की ओर भी संकेत करती है?
उत्तर:
हाँ, यह कहानी आज़ादी की लड़ाई की ओर संकेत करती है। आज़ादी की लड़ाई दासता से मुक्ति की भावना से जुड़ी थी। ‘दो बैलों की कथा’ भी इसी भावना से जुड़ी हुई है। इसमें भी दासता से मुक्त होने की भावना है। झूरी के दोनों बैल हीरा और मोती गया की दासता से मुक्त होकर भाग जाते हैं। वे दढ़ियल आदमी की दासता भी स्वीकार नहीं करते हैं। वे दोनों बैल अपनी आज़ादी के लिए संघर्ष करते हैं तथा अनेक प्रकार से कष्ट झेलते हैं। यही भावना आज़ादी की लड़ाई में थी।
Class 9 Hindi Chapter 1 Extra Questions and Answers दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
जब झूरी की स्त्री ने बैलों को अपने यहाँ देखा तो उसकी क्या प्रतिक्रिया हुई? झूरी ने उसका क्या प्रतिवाद किया?
उत्तर:
झूरी की स्त्री ने बैलों को द्वार पर देखा तो जल उठी। बोली- कैसे नमक हराम बैल हैं कि एक दिन वहाँ काम न किया; भाग खड़े हुए।
झूरी अपने बैलों पर यह आक्षेप न सुन सका – नमकहराम क्यों हैं?
चारा – दाना न दिया होगा, तो क्या करते?
स्त्री ने रौब के साथ कहा- बस तुम्हीं तो बैलों को खिलाना जानते हो और तो सभी पानी पिला-पिलाकर रखते हैं।
झूरी ने चिढ़ाया – चारा मिलता तो क्यों भागते?
स्त्री चिढ़ी – भागे इसलिए कि वे लोग तुम जैसे बुद्धओं की तरह बैलों को सहलाते नहीं। खिलाते हैं, तो रगड़कर जोतते भी हैं। ये दोनों ठहरे कामचोर भाग निकले। अब देखूँ, कहाँ से खली और चोकर मिलता है। सूखे भूसे के सिवाय कुछ न दूँगी, खाएँ चाहे मरें।
वही हुआ। मजूर को कड़ी ताकीद कर दी गई कि बैलों को खाली सूखा भूसा दिया जाए।
प्रश्न 2.
दोनों बैलों में घनिष्ठता का कोई उदाहरण दीजिए।
उत्तरः
जिस वक्त ये दोनों बैल हीरा मोती हल या गाड़ी में जोत दिए जाते और गरदन हिला-हिलाकर चलते उस वक्त हर एक की यही चेष्टा होती थी कि ज्यादा से ज्यादा बोझ मेरी ही गर्दन पर रहे। दिन-भर के बाद दोपहर या संध्या को दोनों खुलते तो एक-दूसरे को चाट चाटकर अपनी थकान मिटा लिया करते थे। नाँद में खली भूसा पड़ जाने के बाद दोनों साथ उठते, साथ नाँद में मुँह डालते और साथ ही बैठते थे। एक मुँह हटा लेता तो दूसरा भी हटा लेता था।
प्रश्न 3.
मटर के खेत में घुसने की क्या सजा दोनों बैलों को मिली?
उत्तर:
दोनों बैलों के सामने मटर का खेत ही था। मोती उसमें घुस गया। हीरा मना करता रहा, पर उसने एक न सुनी। अभी दो-चार ग्रास खाए थे कि दो आदमी लाठियाँ लिए दौड़ पड़े और दोनों मित्रों को घेर लिया। हीरा तो मेड़ पर था, निकल गया। मोती सींचे हुए खेत में था। उसके खुर कीचड़ में धँसने लगे। न भाग सका। पकड़ लिया। हीरा ने देखा संगी संकट में है तो लौट पड़ा। फँसेंगे तो दोनों फँसेंगे। रखवालों ने उसे भी पकड़ लिया।
प्रश्न 4.
गया द्वारा बैलों को हल में जोतने पर उन्होंने क्या व्यवहार किया?
उत्तर:
गया ने बैलों को हल में जोता, पर दोनों ने जैसे पाँव न उठाने की
कसम खा ली थी। गया मारते-मारते थक गया; पर दोनों ने पाँव न उठाया। एक बार जब उस निर्दयी ने हीरा की नाक पर खूब डंडे जमाए तो मोती का गुस्सा काबू के बाहर हो गया। हल लेकर भागा। हल, रस्सी, जुआ, जोत, सब टूट-टाट कर बराबर हो गया। गले में बड़ी-बड़ी रस्सियाँ न होतीं तो दोनों पकड़ में न आते।
प्रश्न 5.
दढ़ियल व्यक्ति कौन था? वह क्या चाहता था? बैलों को वह कैसा आदमी लगा?
उत्तर:
दढ़ियल व्यक्ति नीलामी में बैलों को खरीदने आया था। वह बैलों की दशा भाँप लेना चाहता था। उस दढ़ियल आदमी ने जिसकी आँखें लाल थीं और मुद्रा अत्यंत कठोर थी दोनों मित्रों के कूल्हों में उँगली गोदकर मुंशी जी से बात करने लगा। उसका चेहरा देखकर अंतर्ज्ञान से दोनों मित्रों के दिल काँप उठे। वह कौन है और उन्हें क्यों टटोल रहा है? इस विषय में उन्हें कोई संदेह न हुआ। दोनों ने एक-दूसरे को भीत नेत्रों से देखा और सिर झुका लिया।
दो बैलों की कथा (कहानी)
प्रश्न 6.
जब झूरी ने बैलों को गया के हवाले कर दिया तब यदि उन्हें ईश्वर ने वाणी दी होती तो बैलों की क्या प्रतिक्रिया होती?
उत्तर:
झूरी ने दोनों बैलों को गया के हवाले कर दिया। बैलों को यह कतई अच्छा नहीं लगा। उन्हें लगा कि हमें बेच दिया गया है।
अगर ईश्वर ने उन्हें वाणी दी होती, तो झूरी से पूछते – तुम हम गरीबों को क्यों निकाल रहे हो? हमने तो तुम्हारी सेवा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रखी है। अगर इतनी मेहनत से काम न चलता था तो हम और काम ले लेते। हमें तो तुम्हारी चाकरी में मर जाना कबूल था। हमने कभी दाने चारे की शिकायत नहीं की। तुमने जो कुछ खिलाया, वह सिर झुकाकर खा लिया। फिर तुमने हमें इस जालिम के हाथ क्यों बेच दिया?
प्रश्न 7.
मोती ने दीवार को कैसे गिराया ? दीवार गिरते ही कौन-कौन भागा?
उत्तर:
मोती ने दीवार में उसी जगह सींग मारा जहाँ हीरा मार चुका था । थोड़ी-सी मिट्टी गिरी और फिर हिम्मत बढ़ी। फिर तो वह दीवार में सींग लगाकर इस तरह जोर करने लगा मानो किसी प्रतिद्वंद्वी से लड़ रहा है। आखिर कोई दो घंटे की जोर-आजमाई के बाद दीवार ऊपर से लगभग एक हाथ गिर गई। उसने दूनी शक्ति से दूसरा धक्का मारा तो आधी दीवार गिर पड़ी।
दीवार का गिरना था कि अधमरे से पड़े हुए सभी जानवर चेत उठे। तीनों घोड़ियाँ सरपट भाग निकलीं। फिर बकरियाँ निकलीं। इसके बाद भैंसें भी खिसक गई; पर गधे अभी तक ज्यों-के-त्यों खड़े थे।
प्रश्न 8.
वढ़ियल के हारकर चले जाने के पश्चात् हीरा और मोती में क्या संवाद हुआ होगा?
उत्तर:
जब हारकर दढ़ियल चला गया तब हीरा मोती में यह संवाद हुआ होगा-
हीरा – मैं डर रहा था कि कहीं तुम गुस्से में आकर मार न बैठो।
मोती – अगर वह मुझे पकड़ता, तो मैं बे-मारे न छोड़ता।
हीरा – अब न आएगा।
मोती – आएगा तो दूर से ही खबर लूँगा। देखें कैसे ले जाता है।
हीरा – जो गोली मरवा दे?
मोती – मर जाऊँगा, पर उसके काम तो न आऊँगा।
हीरा – हमारी जान को कोई जान ही नहीं समझता।
मोती – इसीलिए कि हम इतने सीधे हैं।
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प्रश्न 9.
दढ़ियल के साथ जाते समय दोनों बैलों ने राह में क्या दृश्य देखा?
उत्तर:
दढ़ियल के साथ जाते समय दोनों बैलों को राह में गाय-बैलों का एक रेवड़ हरे हरे हार में चरता नजर आई। सभी जानवर प्रसन्न थे, चिकने, चपल कोई उछलता था कोई आनंद से बैठा करता था। कितना सुखी जीवन था इनका; पर कितने स्वार्थी हैं सब किसी को चिंता नहीं कि उनके दो भाई बधिक के हाथ में कैसे दुखी हैं।
प्रश्न 10.
हीरा और मोती ने दूसरी बार गया के घर भेजे जाने का किस प्रकार विरोध किया?
उत्तर:
झूरी का साला गया दूसरी बार हीरा मोती को अपने घर ले चला। अबकी बार उसने दोनों को गाड़ी में जोता। मोती ने गाड़ी को सड़क की खाई में गिराना चाहा, पर हीरा ने संभाल लिया।
दूसरे दिन जब गया ने बैलों को हल में जोता तब बैलों ने इसका विरोध किया गया उन्हें मारते-मारते थक गया, पर दोनों ने पाँव न उठाए। जब निर्दयी गया ने हीरा की नाक पर डंडे बरसाए तब मोती का गुस्सा बेकाबू हो गया। वह हल लेकर भागा। हल, रस्सी, जुआ, जोत सब टूट गए।
प्रश्न 11.
कहानी में जगह-जगह मुहावरों का प्रयोग हुआ है। कोई पाँच मुहावरे छाँटिए और उन्हें वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
(क) ईंट का जवाब पत्थर से देना : तुम मुझसे किसी रियायत की उम्मीद न करना, मैं तो ईंट का जवाब पत्थर से देने वाला हूँ।
(ख) दिल भारी होना : मोहन की दुर्दशा देखकर मेरा दिल भारी हो गया।
(ग) कामचोर होना : तुमसे यह काम नहीं होगा, तुम तो पूरे कामचोर हो।
(घ) नौ-दो ग्यारह होना : पुलिस को आता देखकर चोर नौ दो ग्यारह हो गया।
(ङ) खबर लेना : जरा बेटे को आने दो, देखो कैसे उसकी खबर लेती हूँ।
भाषा की बात
प्रश्न 1.
उपसर्ग-प्रत्यय
नीचे लिखे शब्दों में से उपसर्ग-प्रत्यय अलग करके लिखिए-
दढ़ियल, जीवनी, अनाथ दुर्बलता
उत्तर:
• दढ़ियल = दाढ़ी + इयल (प्रत्यय)
• जीवनी = जीवन + ई (प्रत्यय)
• अनाथ अ (उपसर्ग) + नाथ
• दुर्बलता = दुर् (उपसर्ग) + बल ता प्रत्यय
प्रश्न 2.
संज्ञा
संज्ञा भेद बताइए –
मोती, बैल, असंतोष, भूसा, भूख
उत्तर:
• मोती = व्यक्तिवाचक संज्ञा
• असंतोष = भाववाचक संज्ञा
• भूसा = द्रव्यवाचक संज्ञा
• भूख = भाववाचक संज्ञा
प्रश्न 3.
विशेषण छाँटिए तथा भेद बताओ
(क) बैलों को सूखा भूसा दिया गया।
(ख) दो बैल थे।
(ग) थोड़ा दाना दिया गया।
उत्तर:
(क) सूखा – गुणवाचक विशेषण,
(ख) दो – संख्यावाचक विशेषण,
(ग) थोड़ा – परिमाणवाचक विशेषण
प्रश्न 4.
क्रिया
क्रिया के नीचे रेखा खींचो तथा भेद बताओ।
(क) बैलों को भूसा दिया गया।
(ख) गया बैलों को ले गया।
(ग) बालिका निकली।
उत्तर:
(क) सकर्मक क्रिया (भूसा – कर्म)
(ख) सकर्मक क्रिया,
(ग) अकर्मक क्रिया
प्रश्न 5.
वाक्य
अर्थ के आधार पर वाक्य भेद बताओ।
(क) झूरी ने बैलों को गले लगा लिया।
(ख) तुम क्यों नहीं भागे?
(ग) तुम वहाँ मत जाओ।
(घ) अहा! तुम आ गए।
(ङ) संभवतः आज छुटकारा मिलेगा।
उत्तर:
(क) विधानवाचक वाक्य
(ख) प्रश्नवाचक चिह्न,
(ग) निषेधात्मक वाक्य,
(घ) विस्मयवाचक वाक्य
(ङ) संभावना सूचक वाक्य
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Class 9 Ganga Chapter 1 Extra Question Answer अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
गद्यांश (1)
जानवरों में गधा सबसे ज्यादा बुद्धिहीन समझा जाता है। हम जब किसी आदमी को परले दरजे का बेवकूफ कहना चाहते हैं, तो उसे गधा कहते हैं। गधा सचमुच बेवकूफ है या उसके सीधेपन, उसकी निरापद सहिष्णुता ने उसे यह पदवी दे दी है, इसका निश्चय नहीं किया जा सकता। गायें सींग मारती है, ब्याही हुई गाय तो अनायास ही सिंहनी का रूप धारण कर लेती हैं। कुत्ता भी बहुत गरीब जानवर है, लेकिन कभी-कभी उसे भी क्रोध आ ही जाता है; किंतु गधे को कभी क्रोध करते नहीं सुना, न देखा। जितना चाहो गरीब को मारो, चाहे जैसी खराब, सड़ी हुई घास सामने डाल दो, उसके चेहरे पर कभी असंतोष की छाया भी न दिखाई देगी।
लघुत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
गधे को सामान्यतः क्या माना जाता है और क्यों?
उत्तर:
जानवरों में गधे को सबसे अधिक मूर्ख माना जाता है। हम जब किसी आदमी को बिल्कुल मूर्ख कहना चाहते हैं तो उसे गधा कह देते हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि गधा अपनी मूर्खता के लिए प्रसिद्ध है। गधा सचमुच मूर्ख होता है या उसके सीधेपन और अत्यधिक सहनशीलता के कारण उसे मूर्ख समझा जाता है, यह जानना कठिन है।
प्रश्न 2.
हम किसी मनुष्य को ‘गधा’ क्यों कहते हैं?
उत्तर:
जब हम किसी मनुष्य को निरा मूर्ख कहना चाहते हैं तो उसे गधा कहते हैं।
प्रश्न 3.
गधे को गधा कहने के पीछे क्या कारण होते हैं?
उत्तर:
गधे को गधा कहने के पीछे दो कारण होते हैं मूर्ख होना, सीधा और सहनशील होना।
प्रश्न 4.
गधे की कौन-सी विशेषता अन्य पशुओं से भिन्न है?
उत्तर:
गधे की अत्यधिक सहनशीलता, सरलता, संतोष वृत्ति, सुख-दुख को एक समान मानने की भावना उसे अन्य पशुओं से भिन्न करती है। अन्य जानवर गधे के समान सरल, सीधे, अक्रोधी और अत्यंत सहनशील नहीं होते हैं।
गद्यांश (2)
उसके चेहरे पर एक स्थायी विषाद स्थायी रूप से छाया रहता है। सुख-दुख, हानि-लाभ, किसी भी दशा में उसे बदलते नहीं देखा। ऋषियों-मुनियों के जितने गुण हैं, वे सभी उसमें पराकाष्ठा को पहुँच गए हैं; पर आदमी उसे बेवकूफ कहता है। सदगुणों का इतना अनादर कहीं नहीं देखा। कदाचित सीधापन संसार के लिए उपयुक्त नहीं है। देखिए न, भारतवासियों की अफ्रीका में क्या दुर्दशा हो रही है? क्यो अमरीका में उन्हें घुसने नहीं दिया जाता? बेचारे शराब नहीं पीते, चार पैसे कुसमय के लिए बचाकर रखते हैं, जी तोड़कर काम करते हैं, किसी से लड़ाई-झगड़ा नहीं करते, चार बातें सुनकर गम खा जाते हैं फिर भी बदनाम हैं। कहा जाता है, वे जीवन के आदर्श को नीचा करते हैं। अगर वे ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख जाते, तो शायद सभ्य कहलाने लगते। जापान की मिसाल सामने है। एक ही विजय ने उसे संसार की सभ्य जातियों में गण्य बना दिया।
लघुत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
लेखक को गधे में कौन-कौन से गुण दिखाई देते हैं? क्या ये गुण संसार के लिए उपयुक्त नहीं है?
उत्तरः
लेखक को गधे में सीधेपन, सहिष्णुता के गुण दिखाई देते हैं। सीधेपन का गुण संसार के लिए उपयुक्त नहीं है।
प्रश्न 2.
अफ्रीका और अमरीका में भारतवासियों की दुर्दशा का क्या कारण है?
उत्तर:
भारतवासी बहुत सीधे और सहिष्णु हैं। वे जी तोड़कर काम करते हैं, लड़ाई-झगड़ा नहीं करते। उनकी ये बातें अफ्रीका और अमरीकावासियों को हजम नहीं होती हैं। अतः वे उन्हें हीन समझकर उनकी दुर्दशा करते हैं।
प्रश्न 3.
आज के युग में सभ्य कहलाने के लिए क्या आवश्यक है?
उत्तर:
आज के युग में वही सभ्य कहलाता है, जो ईंट का जवाब पत्थर से देना जानता है। सहिष्णु व्यक्ति को असभ्य समझा जाता है। जापान ने युद्ध में ईंट का जवाब पत्थर से देकर विश्व की सभ्य जातियों में अपनी गणना करवा ली।
गद्यांश (3)
गधे का एक छोटा भाई और भी है और वह है बैल। जिस अर्थ में हम गधे का प्रयोग करते हैं, कुछ उसी से मिलते-जुलते अर्थ में ‘बछिया के ताऊ’ का भी प्रयोग करते हैं। कुछ लोग बैल को शायद बेवकूफों में सर्वश्रेष्ठ कहेंगे मगर हमारा विचार ऐसा नहीं है। बैल कभी-कभी मारता भी है, कभी-कभी अड़ियल बैल भी देखने में आता है और भी कई रीतियों से अपना असंतोष प्रकट कर देता है। अतएव उसका स्थान गधे से नीचा है।
लघुत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
बैल के बारे में क्या बताया गया है?
उत्तर:
बैल को गधे का छोटा भाई बताया गया है। बैल को ‘बछिया का ताऊ’ भी बेवकूफी के अर्थ में कहा जाता है।
प्रश्न 2.
बैल में क्या-क्या विशेषता देखी जाती है?
उत्तर:
बैल कभी-कभी मारता भी है। बैल अड़ियल भी होता है। वह कभी-कभी असंतोष भी प्रकट कर देता है।
गद्यांश (4)
अपना यों बेचा जाया उन्हें अच्छा लगा या बुरा, कौन जाने, पर झूरी के साले को घर ले जाने में दाँतों पसीना आ गया। पीछे से हाँकता है तो वे दोनों पीदे को जोर लगाते। मारता तो सींग नीचे करके हुँकारते। अगर ईश्वर ने उन्हें वाणी दी होती, तो झूरी से पूछते तुम हम गरीबों को क्यों निकाल रहे हो? हमने तो तुम्हारी सेवा करने में कोई कसर नहीं उठा रखी। अगर इतनी मेहनत से काम न चलता था में तो और काम ले लेते। हमें तो तुम्हारी चाकरी में मर जाना कबूल था। हमने कभी दाने चारे की शिकायत नहीं की। तुमने जो कुछ खिलाया, वह सिर झुकाकर खा लिया, फिर तुमने हमें इस जालिम के हाथ क्यों बेच दिया?
लघुत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
बैलों को अपने घर ले जाते समय झूरी के साले की क्या हालत हुई?
उत्तर:
हीरा और मोती को अपने घर ले जाते समय उसे दाँतों पसीना आ गया अर्थात् बहुत परिश्रम करना पड़ा। उसके हाँकने पर बैल आगे जाने की जगह पीछे ज़ोर लगाने लगते थे। गया जब उन्हें मारता तो वे सींग नीचे करके हुँकारते थे।
दो बैलों की कथा (कहानी)
प्रश्न 2.
बैल मन ही मन क्या सोच रहे थे?
उत्तरः
वे झूरी द्वारा बैलों को बेचा जाना बैलों को अच्छा नहीं लग रहा था। वे तो झूरी की भरपूर सेवा करते थे। वे तो झूरी की सेवा में मरने तक को तैयार थे। वे झूरी के यहाँ पूरी तरह संतुष्ट थे।
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गद्यांश (5)
संध्या समय दोनों बैल अपने नए स्थान पर पहुँचे। दिनभर के भूखे थे। लेकिन जब नाँद में लगाए गए तो एक ने भी उसमें मुँह न डाला। दिल भारी हो रहा था। जिसे अपना घर समझ रखा था वह आज उनसे छूट गया था। यह नया घर, नया गाँव, नए आदमी, उन्हें बेगानों से लगते थे। दोनों ने अपनी मूक भाषा में सलाह की, एक दूसरे को कनखियों से देखा और लेट गए। जब गाँव में सोता पड़ गया तो दोनों ने जोर मार कर पगहे तुड़ा डाले और घर की तरफ चले। पगहे बहुत मजबूत थे। अनुमान न हो सकता था कि कोई बैल उन्हें तोड़ सकेगा, पर इस समय दोनों में दूनी ताकत आ गई थी। एक-एक झटके में रस्सियाँ टूट गईं।
लघुत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
नई जगह पहुँचकर बैलों ने कैसा अनुभव किया?
उत्तरः
नई जगह पहुँचकर बैलों का दिल भारी हो गया। उन्हें वहाँ का पूरा वातावरण बेगाना-सा लग रहा था।
प्रश्न 2.
पगहे कैसे थे? उनका क्या हाल हुआ?
उत्तर:
पगहे बड़े मजबूत थे, पर बैलों ने एक-एक झटके में उन्हें तोड़ दिया। बैलों में दुगुनी ताकत आ गई थी।
गद्यांश (6)
रात को जब बालिका रोटियाँ खिलाकर चली गई, दोनों रस्सियाँ थे। चबाने लगे, पर मोटी रस्सी मुँह में न आती थी। बेचारे बार-बार ज़ोर लगाकर रह जाते थे। सहसा घर का द्वार खुला और वही लड़की निकली। दोनों सिर झुकाकर उसका हाथ चाटने लगे। दोनों की पूँछें खड़ी हो गई। उसने उनके माथे सहलाए और बोली- खोले देती हूँ। चुपके से भाग जाओ, नहीं तो यहाँ लोग मार डालेंगे। आज घर में सलाह हो रही है कि इनकी नाकों में नाथ डाल दी जाएँ। उसने गाँव खोल दिया, पर दोनों चुपचाप खड़े रहे।
लघुत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
सहसा क्या हुआ?
उत्तरः
सहसा घर का द्वार खुला। द्वार से एक छोटी लड़की निकली। उसके हाथों में दो रोटियाँ थीं। दोनों बैल उसका हाथ चाटने लगे। दोनों की पूँछे खड़ी हो गई।
प्रश्न 2.
बालिका ने बैलों से क्या कहा?
उत्तरः
बालिका ने बैलों से कहा- मैं तुम्हें खोल देती हूँ। तुम चुपके से भाग जाओ। यहाँ के लोग तुम्हें मार डालेंगे। घर में सलाह हो रही है कि इनकी नाकों में नाथ डाल दी जाए।
गद्यांश (7)
दोनों मित्र जान हथेलियों पर लेकर लपके। साँड को भी संगठित शत्रुओं से लड़ने का तजुरबा न था। वह तो एक शत्रु से मल्लयुद्ध करने का आदी था। ज्यों ही हीरा पर झपटा, मोती ने पीछे से दौड़ाया। साँड उसकी तरफ मुड़ा, तो हीरा ने रगेदा। साँड चाहता था कि एक-एक करके दोनों को गिरा ले; पर ये दोनों भी उस्ताद थे। उसे वह अवसर न देते थे। एक बार साँड झल्लाकर हीरा का अंत कर देने के लिए चला कि मोती ने बगल से आकर पेट में सींग भोंक दिया। साँड क्रोध में आकर पीछे फिरा हीरा ने दूसरे पहलू से सींग चुभा दिया। आखिर बेचारा जख़्मी होकर भागा और दोनों मित्रों ने दूर तक उसका पीछा किया। यहाँ तक कि साँड बेदम होकर गिर पड़ा। तब दोनों ने उसे छोड़ दिया।
लघुत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
साँड क्यों मारा गया?
उत्तर:
साँड को संगठित शत्रुओं से लड़ने का तजुरबा नहीं था। दोनों बैल मिलकर उस पर टूट पड़े थे। हीरा झपटा तो मोती ने पीछे से दौड़ाया। मोती ने उसके पेट में सींग भौंक दिया। साँड जख्मी होकर गिर पड़ा।
प्रश्न 2.
साँड क्या चाहता था?
उत्तर:
साँड चाहता था कि उन्हें एक-एक करके गिरा ले, पर वह यह इसलिए न कर सका क्योंकि दोनों बैल बड़े उस्ताद थे। साँड झल्लाकर रह गया। वह भाग भी न जा सका। वह वेदम होकर गिर पड़ा।
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Class 9 Hindi Chapter 1 Extra Question Answer for Practice
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
प्रश्न 1.
हीरा और मोती कौन थे? उनकी क्या क्या विशेषताएँ थीं?
प्रश्न 2.
झूरी ने बैलों को किसके हवाले कर दिया था? वहाँ बैलों की क्या गति हुई?
प्रश्न 3.
हीरा मोती किस प्रकार गया के घर से भाग पाए?
प्रश्न 4.
काँजीहाउस क्या होता है? वहाँ हीरामोती कैसे पहुँचे?
प्रश्न 5.
बैलों ने काँजीहाउस में बंद जानवरों को कैसे भगाया?
प्रश्न 6.
हीरा मोती का संघर्ष स्वतंत्रता आंदोलन से किस रूप में जुड़ जाता है?
प्रश्न 7.
आप पशुओं के प्रति कैसा व्यवहार चाहते हो? इसके लिए क्या करना होगा?