Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे

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Class 8 Hindi Chapter 5 कबीर के दोहे Question Answer

कबीर के दोहे Class 8 Question Answer

Class 8 Malhar Chapter 5 Question Answer – Class 8 Hindi कबीर के दोहे Question Answer

पाठ से प्रश्न – अभ्यास

मेरी समझ से

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (*) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

प्रश्न 1.
“गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागौं पाँय। बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताय।।” इस दोहे में किसके विषय में बताया गया है?
• श्रम का महत्व
• गुरु का महत्व
• ज्ञान का महत्व
• भक्ति का महत्व
उत्तर:
• गुरु का महत्व *

प्रश्न 2.
“अति का भला न बोलना अति का भला न चूप। अति का भला न बरसना अति की भली न धूप॥” इस दोहे का मूल संदेश क्या है?
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 1
• हमेशा चुप रहने में ही हमारी भलाई है
• बारिश और धूप से बचना चाहिए
• हर परिस्थिति में संतुलन होना आवश्यक है
• हमेशा मधुर वाणी बोलनी चाहिए
उत्तर:
• हर परिस्थिति में संतुलन होना आवश्यक है *

प्रश्न 3.
“बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर। पंथी को छाया नहीं फल लागे अति दूर।।” यह दोहा किस जीवन कौशल को विकसित करने पर बल देता है?
• समय का सदुपयोग करना
• दूसरों के काम आना
• परिश्रम और लगन से काम करना
• सभी के प्रति उदार रहना
उत्तर:
• दूसरों के काम आना *
• सभी के प्रति उदार रहना *

प्रश्न 4.
“ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय। औरन को सीतल करै आपहुँ सीतल होय।।” इस दोहे के अनुसार मधुरं वाणी बोलने का सबसे बड़ा लाभ क्या है?
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 2
• लोग हमारी प्रशंसा और सम्मान करने लगते हैं
• दूसरों और स्वयं को मानसिक शांति मिलती है
• किसी से विवाद होने पर उसमें जीत हासिल होती है
• सुनने वालों का मन इधर-उधर भटकने लगता है
उत्तर:
• लोग हमारी प्रशंसा और सम्मान करने लगते हैं। *
• दूसरों और स्वयं को मानसिक शांति मिलती है *

प्रश्न 5.
“साँच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप। जाके हिरवे साँच है ता हिरवे गुरु आप।” इस दोहे से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
• सत्य और झूठ में कोई अंतर नहीं होता है
• सत्य का पालन करना किसी साधना से कम नहीं है
• बाहरी परिस्थितियाँ ही जीवन में सफलता तय करती हैं
• सत्य महत्वपूर्ण जीवन मूल्य है जिससे हृदय प्रकाशित होता है
उत्तर:
• सत्य का पालन करना किसी साधना से कम नहीं है *
• सत्य महत्वपूर्ण जीवन मूल्य है जिससे हृदय प्रकाशित होता है *

Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे

प्रश्न 6.
“निंदक नियरे राखिए आँगन कुटी छवाय। बिन पानी साबुन बिना निर्मल करै सुभाय।।”
यहाँ जीवन में किस दृष्टिकोण को अपनाने की सलाह दी गई है?
• आलोचना से बचना चाहिए
• आलोचकों को दूर रखना चाहिए
• आलोचकों को पास रखना चाहिए
• आलोचकों की निंदा करनी चाहिए
उत्तर:
• आलोचकों को पास रखना चाहिए *

प्रश्न 7.
“साधू ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय। सार-सार को गहि रहै थोथा देड़ उड़ाय।।” इस दोहे में ‘सूप’ किसका प्रतीक है?
• मन की कल्पनाओं का
• सुख-सुविधाओं का
• विवेक और सूझबूझ का
• कठोर और क्रोधी स्वभाव का
उत्तर:
• विवेक और सूझबूझ का *

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर:
उत्तर चुनने के कारण-

  • “गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागौं पाँय। बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताय।।” दोहे में गुरु का महत्व बताया गया है, क्योंकि गुरु ने ही ईश्वर का ज्ञान कराया था।
  • “अति का भला न बोलना अति का भला न चूप। अति का भला न बरसना अति की भली न धूप।।” दोहे में मूल संदेश यह है कि हर परिस्थिति में संतुलन होना आवश्यक है, क्योंकि किसी भी चीज़ की अति अच्छी नहीं होती है।
  • “बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर। पंथी को छाया नहीं फल लागै अति दूर।।” दोहे में दूसरों के काम आने और सभी के प्रति उदार रहने जैसे जीवन कौशल को विकसित करने पर बल दिया गया है, क्योंकि वह बड़ाई किस काम की जहाँ कोई पहुँच ही न सके।
  • “ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय। औरन को सीतल करै आपहुँ सीतल होय।।” इस दोहे का लाभ यह है कि लोग हमारी प्रशंसा और सम्मान करते हैं तथा इससे दूसरों को और स्वयं को मानसिक शांति मिलती है।
  • “साँच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप जाके हिरदे साँच है ता हिरदे गुरु आप।।” दोहे से यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि सत्य का पालन किसी साधना से कम नहीं तथा सत्य महत्वपूर्ण जीवनमूल्य है, जिससे हृदय प्रकाशित होता है।
  • “निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय। बिन पानी साबुन बिना निर्मल करै सुभाय।।” जीवन में आलोचकों को पास रखने की सीख दी गई है, क्योंकि आलोचक मनुष्य के स्वभाव को निर्मल बना देते हैं।
  • “साधू ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय । सार-सार को गहि रहै थोथा देइ उड़ाय।।”
    ‘सूप’ विवेक और सूझबूझ का प्रतीक है। इसका कारण यह है कि इसके बिना कोई भी व्यक्ति साधु नहीं कहला सकता है।
    नोट-छात्र इन उत्तरों पर अपने साथियों के साथ स्वयं चर्चा करें।

मिलकर करें मिलान

(क) पाठ से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे स्तंभ 1 में दी गई हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें स्तंभ 2 में दिए गए इनके सही अर्थ या संदर्भ से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।

स्तंभ 1 स्तंभ 2
1. गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागौं पाँय। 1. सत्य का पालन कठिन है और झूठ पाप के समान है।
2. अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप। 2. बड़ा होने के साथ व्यक्ति को उदार भी होना चाहिए।
3. ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय। 3. गुरु शिष्य का मार्गदर्शन करते हैं और शिष्य गुरु का आदर करते हैं।
4. निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय। 4. मन को नियंत्रित करना और सही दिशा में ले जाना महत्वपूर्ण है।
5. साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय। 5. जीवन में संतुलन महत्वपूर्ण है।
6. कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय। 6. हमें मधुर वाणी बोलनी चाहिए, जिससे मन को शांति प्राप्त हो सके।
7. साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप। 7. विवेकशील व्यक्ति को अच्छे और बुरे की पहचान होती है।
8. बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर। 8. आलोचकों को अपने पास रखना चाहिए। वे हमें हमारी गलतियाँ बताते हैं।

Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 3
उत्तर:
1. – 3, 2. – 5, 3. – 6, 4. – 8, 5. – 7, 6. – 4, 7. – 1, 8. – 2.

स्तंभ 1 स्तंभ 2
1. गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागौं पाँय। 3. गुरु शिष्य का मार्गदर्शन करते हैं और शिष्य गुरु का आदर करते हैं।
2. अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप। 5. जीवन में संतुलन महत्वपूर्ण है।
3. ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय। 6. हमें मधुर वाणी बोलनी चाहिए, जिससे मन को शांति प्राप्त हो सके।
4. निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय। 8. आलोचकों को अपने पास रखना चाहिए। वे हमें हमारी गलतियाँ बताते हैं।
5. साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय। 7. विवेकशील व्यक्ति को अच्छे और बुरे की पहचान होती है।
6. कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय। 4. मन को नियंत्रित करना और सही दिशा में ले जाना महत्वपूर्ण है।
7. साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप। 1. सत्य का पालन कठिन है और झूठ पाप के समान है।
8. बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर। 2. बड़ा होने के साथ व्यक्ति को उदार भी होना चाहिए।

(ख) नीचे स्तंभ 1 में दी गई दोहों की पंक्तियों को स्तंभ 2 में दी गई उपयुक्त पंक्तियों से जोड़िए-

स्तंभ 1 स्तंभ 2
1. गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागौं पाँय। 1. बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करै सुभाय।।
2. अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप। 2. औरन को सीतल करै, आपहुँ सीतल होय।।
3. ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय। 3. जाके हिरदे साँच है, ता हिरदे गुरु आप।।
4. निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय। 4. सार सार को गहि रहै थोथा देइ उड़ाय।।
5. साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय। 5. पंथी को छाया नहीं, फल लागै अति दूर।।
6. कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय। 6. अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।।
7. बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर। 7. जो जैसी संगति करै सो तैसा फल पाय।।
8. साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप। 8. बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय।।

उत्तर:
1. – 8, 2. – 6, 3. – 2, 4. – 1, 5. – 4, 6. – 7, 7. – 5, 8. – 3.

स्तंभ 1 स्तंभ 2
1. गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागौं पाँय। 8. बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय।।
2. अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप। 6. अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।।
3. ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय। 2. औरन को सीतल करै, आपहुँ सीतल होय।।
4. निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय। 1. बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करै सुभाय।।
5. साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय। 4. सार सार को गहि रहै थोथा देइ उड़ाय।।
6. कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय। 7. जो जैसी संगति करै सो तैसा फल पाय।।
7. बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर। 5. पंथी को छाया नहीं, फल लागै अति दूर।।
8. साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप। 3. जाके हिरदे साँच है, ता हिरदे गुरु आप।।

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए-
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 4
(क) “कबिरा मन पंछी भया भावै तहवाँ जाय।”
जो “जैसी संगति करै सो तैसा फल पाय।।”
(ख) “साँच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप।”
“जाके हिरवे साँच है ता हिरवे गुरु आप।”
उत्तर:
अर्थ जो समझ में आया-
(क) मनुष्य का मन उसी तरह अनियंत्रित होता है, जैसे पक्षी इधर-उधर उड़ते फिरते हैं। इस पर नियंत्रण न किया जाए, तो बुरी संगत इसे नष्ट कर देती है।

(ख) सच बोलना और उसका पालन करना इतना कठिन होता है, जैसे कोई तपस्या करना हो। जो लोग सच्चाई का पालन करते हैं, उनके मन में ईश्वर बसते हैं।

Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे

सोच-विचार के लिए

पाठ को पुनः ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए-

(क) “गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागौं पाँय।” इस दोहे में गुरु को गोविंद (ईश्वर) से भी ऊपर स्थान दिया गया है। क्या आप इससे सहमत हैं? अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
“गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागौं पाँय।” दोहे में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊँचा बताया गया है। मैं इससे सहमत हूँ कि ईश्वर का ज्ञान हमें गुरु ही कराते हैं।

(ख) “बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर।” इस दोहे में कहा गया है कि सिर्फ बड़ा या संपन्न होना ही पर्याप्त नहीं है। बड़े या संपन्न होने के साथ-साथ मनुष्य और कौन-कौन सी विशेषताएँ होनी चाहिए? अपने विचार साझा कीजिए।
उत्तर:
बड़े या संपन्न होने के साथ-साथ मनुष्य में दयालुता, उदारता, संवेदनशीलता, त्याग, सहयोग, मेल-जोल आदि विशेषताएँ भी होनी चाहिए।
नोट – छात्र अपने विचार स्वयं साझा करें।

(ग) “ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय।” क्या आप मानते हैं कि शब्दों का प्रभाव केवल दूसरों पर ही नहीं स्वयं पर भी पड़ता है? आपके बोले गए शब्दों ने आपके या किसी अन्य के स्वभाव या मनोदशा को कैसे परिवर्तित किया? उदाहरण सहित बताइए।
उत्तर:
मेरा मानना है कि शब्दों का प्रभाव केवल दूसरों पर ही नहीं, स्वयं पर भी पड़ता है।

एक बार अच्छे अंक लाने के लिए एक छात्र नकल का सहारा ले रहा था, तो मैंने उसे समझाया कि यह जीवन ही एक परीक्षा है। तुम कहाँ कहाँ नकल करोगे। मेरी यह बात उसकी समझ में आ गई और उसने नकल करनी छोड़ दी।

(घ) “जो जैसी संगति करै सो तैसा फल पाय।।” हमारे विचारों और कार्यों पर संगति का क्या प्रभाव पड़ता है? उदाहरण सहित बताइए।
उत्तर:
हमारे विचार और कार्य संगति से प्रभावित होते हैं। श्रीराम की संगति के कारण ही विभीषण लंका के राजा बने, जबकि कुंभकरण को जान से हाथ धोना पड़ा था।

दोहे की रचना

“अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप।
अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप॥”
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 5
इन दोनों पंक्तियों पर ध्यान दीजिए। इन दोनों पंक्तियों के दो-दो भाग दिखाई दे रहे हैं। इन चारों भागों का पहला शब्द है ‘अति’। इस कारण इस दोहे में एक विशेष प्रभाव उत्पन्न हो गया है। आप ध्यान देंगे तो इस कविता में आपको ऐसी कई विशेषताएँ दिखाई देंगी, जैसे- दोहों की प्रत्येक पंक्ति को बोलने में एक समान समय लगता है। अपने-अपने समूह में मिलकर पाठ में दिए गए दोहों की विशेषताओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
दोहों की विशेषताओं की सूची-
• पंक्ति के अंत में समान स्वर वाले शब्दों का प्रयोग है।
• अत्यंत सरल भाषा का प्रयोग।
• पहले तीसरे चरण की समाप्ति पर का प्रयोग।
• कथन को प्रभावी बनाने के लिए उदाहरणों का प्रयोग।
• सारगर्भित बातों के माध्यम से सीख दी गई है।

(क) दोहों की उन पंक्तियों को चुनकर लिखिए जिनमें-
(1) एक ही अक्षर से प्रारंभ होने वाले (जैसे-राजा, रस्सी, रात) दो या दो से अधिक शब्द एक साथ आए हैं।
(2) एक शब्द एक साथ दो बार आया है। (जैसे-बार-बार)
(3) लगभग एक जैसे शब्द, जिनमें केवल एक मात्रा भर का अंतर है (जैसे- जल, जाल) एक ही पंक्ति में आए हैं।
(4) एक ही पंक्ति में विपरीतार्थक शब्दों (जैसे- अच्छा-बुरा) का प्रयोग किया गया है।
(5) किसी की तुलना किसी अन्य से की गई है। (जैसे- दूध जैसा सफेद)
(6) किसी को कोई अन्य नाम दे दिया गया है। (जैसे- मुख चंद्र है )
(7) किसी शब्द की वर्तनी थोड़ी अलग है। (जैसे- ‘चुप’ के स्थान पर ‘चूप’)
(8) उदाहरण द्वारा कही गई बात को समझाया गया है।
उत्तर:
(1) साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय।
(2) सार सार को गहि रहै थोथा देइ उड़ाय।
(3) अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।
(4) अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप।
(5) साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय।
(6) कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय।
(7) ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।
(8) बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।

(ख) अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
उत्तर:
नोट – छात्र अपनी सूची को स्वयं साझा करें।

अनुमान और कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 6
(क) “गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागौं पाँय।” यदि आपके सामने यह स्थिति होती तो आप क्या निर्णय लेते और क्यों?
• यदि संसार में कोई गुरु या शिक्षक न होता तो क्या होता?
उत्तर:
• यदि मेरे सामने ऐसी स्थिति आए, तो मैं पहले गुरु को प्रणाम करूँगा, क्योंकि ईश्वर की सत्ता का ज्ञान उन्हीं से मिला है।
• यदि संसार में गुरु न होते, तो लोग अज्ञानी ही रहते।

(ख) “अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप।”
• यदि कोई व्यक्ति बहुत अधिक बोलता है या बहुत चुप रहता है तो उसके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
• यदि वर्षा आवश्यकता से अधिक या कम हो तो क्या परिणाम हो सकते हैं?
• आवश्यकता से अधिक मोबाइल या मल्टीमीडिया का प्रयोग करने से क्या परिणाम हो सकते हैं?
उत्तर:
• यदि कोई व्यक्ति बहुत अधिक बोलता है या बहुत चुप रहता है तो उसके जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि उसकी बातों को कोई महत्व नहीं देगा।

• यदि आवश्यकता से अधिक वर्षा हो, तो बाढ़ आ जाएगी और कम वर्षा होने पर सूखा पड़ जाएगा।

• आवश्यकता से अधिक मोबाइल या मल्टीमीडिया का प्रयोग करने से स्वास्थ्य को नुकसान होगा तथा पैसों का अपव्यय होगा।

(ग) “साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।”
• झूठ बोलने पर आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
• कल्पना कीजिए कि आपके शिक्षक ने आपके किसी गलत उत्तर के लिए अंक दे दिए हैं, ऐसी परिस्थिति में आप क्या करेंगे?
उत्तर:
• झूठ बोलने से लोग विश्वास नहीं करते और किसी महत्वपूर्ण निर्णय में शामिल नहीं करते हैं।
• शिक्षक ने यदि गलत या अधिक अंक दे दिए हैं, तो मैं उसे सुधारने के लिए कहूँगा।

(घ) “ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।”
• यदि सभी मनुष्य अपनी वाणी को मधुर और शांति देने वाली बना लें तो लोगों में क्या परिवर्तन आ सकते हैं?
• क्या कोई ऐसी परिस्थिति हो सकती है जहाँ कटु-वचन बोलना आवश्यक हो? अनुमान लगाइए।
उत्तर:
• यदि सभी मनुष्य अपनी वाणी को मधुर और शांति देने वाली बना लें तो लोगों में सद्भाव, प्रेम, भाईचारा, मेल-जोल आदि बढ़ जाएगा।
• हाँ, यदि कोई बार-बार समझाने पर भी बुरी आदतें न छोड़े, तो कटुवचन बोलना आवश्यक हो जाता है।

(ङ) “बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।”
• यदि कोई व्यक्ति अपने बड़े होने का अहंकार रखता हो तो आप इस दोहे का उपयोग करते हुए उसे ‘बड़े होने या संपन्न होने’ का क्या अर्थ बताएँगे या समझाएँगे?
• खजूर, नारियल आदि ऊँचे वृक्ष अनुपयोगी नहीं होते हैं। वे किस प्रकार से उपयोगी हो सकते हैं? बताइए।
• आप अपनी कक्षा का कक्षा नायक या नायिका (मॉनीटर) चुनने के लिए किसी विद्यार्थी की किन-किन विशेषताओं पर ध्यान देंगे?
उत्तर:
• यदि कोई व्यक्ति अपने बड़े होने का अहंकार रखता हो, तो मैं उसे बड़े होने या संपन्न होने का अर्थ बताऊँगा- हृदय से बड़ा होना और दूसरों पर दयालुता बनाए रखना।
• इन ऊँचे वृक्षों के फल, पत्तियाँ आदि एकत्र कर इन्हें काम में लेकर उपयोगी बनाया जा सकता है।
• अपनी कक्षा का मॉनीटर बनाते समय मैं उसकी वाक्पटुता, संवेदनशीलता, सहभागिता आदि विशेषताओं पर ध्यान दूँगा।

(च) “ निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय।”
• यदि कोई आपकी गलतियों को बताता रहे तो आपको उससे क्या लाभ होगा?
• यदि समाज में कोई भी एक-दूसरे की गलतियाँ न बताए तो क्या होगा?
उत्तर:
• यदि कोई मेरी गलतियाँ बताता रहे, तो मैं उसे सुधारकर अपना स्वभाव निर्मल बना लूँगा।
• यदि समाज में कोई भी एक-दूसरे की गलतियाँ न बताए. तो हर व्यक्ति अपने आपको सबसे अच्छा समझता रहेगा।

(छ) “साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय।”
• कल्पना कीजिए कि आपके पास ‘सूप’ जैसी विशेषता है तो आपके जीवन में कौन-कौन से परिवर्तन आएँगे?
• यदि हम बिना सोचे-समझे हर बात को स्वीकार कर लें तो उसका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर:
• यदि मेरे पास सूप जैसी विशेषताएँ हों, तो मेरे जीवन में अनेक परिवर्तन आएँगे; जैसे-

  1. मैं विवेकपूर्ण निर्णय ले सकूँगा।
  2. मैं व्यर्थ की बातों पर ध्यान नहीं दूँगा।
  3. लोगों को उचित राय दे सकूँगा।

• यदि हम बिना सोचे-समझे हर बात को स्वीकार कर लें तो लोग हमारी हर बात मानने की अपेक्षा रखेंगे। वे हमें कमजोर मानेंगे और अपनी राय जबरदस्ती थोपने का प्रयास करेंगे।

(ज) “कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय।”
• यदि मन एक पंछी की तरह उड़ सकता तो आप उसे कहाँ ले जाना चाहते और क्यों?
• संगति का हमारे जीवन पर क्या-क्या प्रभाव पड़ सकता है?
उत्तर:
• यदि मन एक पंछी की तरह उड़ सकता, तो मैं दूर कहीं पर्वतों के पास घाटियों में जाता ताकि प्राकृतिक सुंदरता को निकट से देख सकूँ।
• यदि हमारी संगति अच्छी है, तो हम अच्छा आचरण- व्यवहार करेंगे और यदि संगति बुरी है तो हम भी बुरे लोगों जैसा व्यवहार करेंगे।

Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे

वाद-विवाद

“अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप।
अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।।”
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 7
(क) इस दोहे का आज के समय में क्या महत्व है? इसके बारे में कक्षा में एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। एक समूह के साथी इसके पक्ष में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे और दूसरे समूह के साथी इसके विपक्ष में बोलेंगे। एक तीसरा समूह निर्णायक बन सकता है।
उत्तर:
नोट-छात्र वाद-विवाद का आयोजन स्वयं करें।

(ख) पक्ष और विपक्ष के समूह अपने-अपने मत के लिए तर्क प्रस्तुत करेंगे, जैसे-

  1. पक्ष – वाणी पर संयम रखना आवश्यक है।
  2. विपक्ष – अत्यधिक चुप रहना भी उचित नहीं है। नोट-छात्र स्वयं करें।

(ग) पक्ष और विपक्ष में प्रस्तुत तर्कों की सूची अपनी लेखन- पुस्तिका में लिख लीजिए।
उत्तर:
नोट-छात्र अपने द्वारा प्रस्तुत तर्कों की सूची लेखन-पुस्तिका में स्वयं लिखें।

शब्द से जुड़े शब्द

नीचे दिए गए स्थानों में कबीर से जुड़े शब्द पाठ में से चुनकर लिखिए और अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए-
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 8
उत्तर:
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 9

दोहे और कहावतें

“कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय।
जो जैसी संगति करै, सो तैसा फल पाय॥”
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 10
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 11
इस दोहे को पढ़कर ऐसा लगता है कि यह बात तो हमने पहले भी अनेक बार सुनी है। यह दोहा इतना अधिक प्रसिद्ध और लोकप्रिय है कि इसकी दूसरी पंक्ति लोगों के बीच कहावत – ‘जैसा संग वैसा रंग’ (व्यक्ति जिस संगति में रहता है, वैसा ही उसका व्यवहार और स्वभाव बन जाता है।) की तरह प्रयुक्त होती है। कहावतें ऐसे वाक्य होते हैं जिन्हें लोग अपनी बात को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए प्रयोग करते हैं। इसमें सामान्यतः जीवन के गहरे अनुभव को सरल और संक्षेप में बता दिया जाता है।
• अब आप ऐसी अन्य कहावतों का प्रयोग करते हुए अपने मन से कुछ वाक्य बनाकर लिखिए।
उत्तर:

  1. ढाक के तीन पात-अब भी गाँवों की दशा ढाक के तीन पात वाली है।
  2. जल में रहे मगर से बैर गाँव में रहकर प्रधान से झगड़ा करना, जल में रहे मगर से बैर वाली कहावत सिद्ध होती है।
  3. नौ दिन चले अढ़ाई कोस इस पुल का निर्माण पिछले तीन साल से नौ दिन चले अढ़ाई कोस वाली गति से हो रहा है।
  4. तीन तेरह हो जाना पुलिस का सायरन सुनते ही अराजक भीड़ तीन तेरह हो गई।

सबकी प्रस्तुति

पाठ के किसी एक दोहे को चुनकर अपने समूह के साथ मिलकर भिन्न-भिन्न प्रकार से कक्षा के सामने प्रस्तुत कीजिए। उदाहरण के लिए-
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 12
• गायन करना, जैसे लोकगीत शैली में।
• भाव नृत्य प्रस्तुति।
• कविता पाठ करना।
•संगीत के साथ प्रस्तुत करना।
• अभिनय करना, जैसे एक दोस्त गुस्से में आकर कुछ गलत कह देता है लेकिन दूसरा दोस्त उसे समझाता है कि मधुर भाषा का कितना प्रभाव पड़ता है। (ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।)
उत्तर:
नोट – छात्र दोहों की प्रस्तुति स्वयं दें।

Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे

पाठ से आगे

आपकी बात

(क) “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागौं पाँय।” क्या आपके जीवन में कोई ऐसा व्यक्ति है जिसने आपको सही दिशा दिखाने में सहायता की हो? उस व्यक्ति के बारे में बताइए।
उत्तर:
हाँ, हमारे नाना ने मुझे सही दिशा दिखाने में मेरी सहायता की है। उन्होंने पढ़ाई, स्वास्थ्य और अन्य मामलों में मेरी मदद की है।

(ख) “निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय।” क्या कभी किसी ने आपकी कमियों या गलतियों के विषय में बताया है जिनमें आपको सुधार करने का अवसर मिला हो ? उस अनुभव को साझा कीजिए।
उत्तर:
हाँ, मैं पार्क में कुछ अवारा लड़कों की संगति में पड़कर धूम्रपान करने लगा था। मेरे एक सहपाठी ने एक दिन मुझे धूम्रपान करते देख लिया और मुढे मेरी कमियों की ओर ध्यान दिलाया। मुझे उसकी बातें अच्छी लगी। मैंने उन लड़कों का साथ छोड़ दिया। इससे मेरी धूम्रपान करने की आदत छूट गई।

(ग) “कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय।” क्या आपने कभी अनुभव किया है कि आपकी संगति (जैसे- मित्र ) आपके विचारों और आदतों या व्यवहारों को प्रभावित करती है? अपने अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर:
हाँ, मैंने भी अनुभव किया है कि संगति हमारी आदतों और विचारों को प्रभावित करती है। मैं अपने गाँव गया था। वहाँ के लड़कों के साथ रहकर मैं भी उन्हीं की तरह उठना बैठना, बोलना, पढ़ाई न करना, सिनेमा देखना आदि शुरू कर दिया था।

सृजन

(क) “साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।” इस दोहे पर आधारित एक कहानी लिखिए जिसमें किसी व्यक्ति ने कठिन परिस्थितियों में भी सत्य का साथ नहीं छोड़ा। (संकेत- किसी खेल में आपकी टीम द्वारा नियमों के उल्लंघन का आपके द्वारा विरोध किया जाना।)
उत्तर:
‘साँच बराबर तप नहीं’ पर आधारित कहानी
मदन हमारी कक्षा का छात्र है। एक बार वह पुस्तकालय से पुस्तक घर ले आया। एक सप्ताह बाद जब वह पुस्तक लौटाने गया, तो पुस्तकालयाध्यक्ष उसे डाँटने लगा, क्योंकि पुस्तक के कई चित्र गायब थे। मदन कह रहा था कि ये चित्र मैंने नहीं फाड़े हैं, पर कोई माने तब न मदन पर फाइन कर दिया गया। उसने अपने मित्र की मदद से पता लगाया कि इस पुस्तक को मुझसे पहले कौन ले गया था। उसने उस लड़के से मित्रता करके बातों-बातों में जान लिया कि उसने ही चित्र फाड़े हैं। उससे एक चित्र लेते हुए उसका वीडियो बना लिया। बाद में इसें पुस्तकालयाध्यक्ष को दिखाकर लगाया गया फाइन हटवा लिया।

(ख) “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागौं पाँय।” इस दोहे को ध्यान में रखते हुए अपने किसी प्रेरणादायक शिक्षक से साक्षात्कार कीजिए और उनके योगदान पर एक निबंध लिखिए।
उत्तर:
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 13

कबीर हमारे समय में

(क) कल्पना कीजिए कि कबीर आज के समय में आ गए हैं। वे आज किन-किन विषयों पर कविता लिख सकते हैं? उन विषयों की सूची बनाइए।
उत्तर:
आज के समय में कबीर महँगाई, भ्रष्टाचार, छुआछूत जैसे विषयों पर कविता लिखते।

(ख) इन विषयों पर आप भी दो-दो पंक्तियाँ लिखिए।
उत्तर:
महँगाई-
कहते देश तरक्की करता,
महँगाई इनको न दिख रही।
रात – दिवस मेहनत करके भी,
रोटी की मुश्किल पड़ रही।।

भ्रष्टाचार-
भ्रष्टाचार की जड़ समाज में,
कितनी गहरी फैल गई।
जिसको देखो रिश्वत माँगे,
मानवता जानें किधर गई।।

छुआछूत-
ऊँच-नीच और छुआछूत का,
है समाज में शोर।
आओ इसे उखाड़ें जड़ से,
मिलकर सारे लगाओ जोर।।

साइबर सुरक्षा और दोहे

नीचे दिए गए प्रश्नों पर कक्षा में विचार-विमर्श कीजिए और साझा कीजिए-

(क) “अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप।” इंटरनेट पर अनावश्यक सूचनाएँ साझा करने के क्या-क्या संकट हो सकते हैं?
उत्तर:
ंटरनेट पर अनावश्यक सूचनाएँ साझा करने से –

  1. भ्रम फैलता है।
  2. अराजकता फैलती है।
  3. अफ़वाह फैलती है।
  4. दंगे भड़क सकते हैं।
  5. सामाजिक समरसता घट सकती है।

(ख) “साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय।” किसी भी वेबसाइट, ईमेल या मीडिया पर उपलब्ध जानकारी को ‘सूप’ की तरह छानने की आवश्यकता क्यों है? कैसे तय करें कि कौन-सी सूचना उपयोगी है और कौन-सी हानिकारक?
उत्तर:
किसी भी वेबसाइट, ईमेल या मीडिया पर उपलब्ध जानकारी को ‘सूप’ की तरह छानने की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि-

  1. बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जाता है।
  2. शत प्रतिशत सच्चाई का ध्यान नहीं रखा जाता है।
  3. लोगों की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा जाता है।
  4. अपनी रेटिंग बढ़ाने का प्रयास अधिक होता है।
  5. इन सूचनाओं की उपयोगिता और हानियों की पहचान अपने से बड़ों की मदद से कर सकते हैं।

आज के समय में

नीचे कुछ घटनाएँ दी गई हैं। इन्हें पढ़कर आपको कबीर के कौन-से दोहे याद आते हैं? घटनाओं के नीचे दिए गए रिक्त स्थान पर उन दोहों को लिखिए-
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 14
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 15

• अमित का मन पढ़ाई में नहीं लगता था और वह गलत संगति में चला गया। कुछ समय बाद जब उसके अंक कम आए तो उसे समझ में आया- “संगति का असर जीवन पर पड़ता है।”
उत्तर:
कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय।
जो जैसी संगति करै, सो तैसा फल पाय।।

• एक विद्यार्थी इंटरनेट पर लगातार सूचनाएँ खोज रहा था। उसके पिता ने कहा- “हर जानकारी सही नहीं होती, सही बातों को चुनो और बेकार छोड़ दो।”
उत्तर:
साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय।
सार सार को गहि रहै थोथा देइ उड़ाय।।

• आपका एक मित्र आपकी किसी गलत बात पर आपकी आलोचना करता है। आप पहले परेशान होते हैं, लेकिन फिर आपने सोचा – “आलोचना मुझे सुधरने का मौका देती है, मुझे इन बातों का बुरा नहीं मानना चाहिए। इसे सकारात्मक रूप से लेना चाहिए।”
उत्तर:
निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय।
बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करै सुभाय।।

• रीमा ने अपने गुस्से में सहकर्मी को बुरा-भला कह दिया, जिससे वातावरण बिगड़ गया। बाद में उसने समझा कि अगर वह शांति से बात करती तो समस्या हल हो जाती।
उत्तर:
ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।
औरन को सीतल करें, आपहुँ सीतल होय।।

• कक्षा में मोहन ने बहुत अधिक बोलकर सबको परेशान कर दिया, जबकि रमेश बिल्कुल चुप रहा। गुरुजी ने कहा – “बोलचाल में संतुलन आवश्यक है, न अधिक बोलो, न अधिक चुप रहो।”
उत्तर:
अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप।
अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।

• सुरेश को जब प्रतिभा सम्मान’ मिला तो उसने कहा-“इसमें मेरे परिश्रम के साथ मेरे गुरुजनों का मार्गदर्शन भी सम्मिलित है।”
उत्तर:
गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागौं पाँय।
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय।।

Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे

खोजबीन के लिए

अपने परिजनों, मित्रों, शिक्षकों, पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता से कबीर के भजनों, गीतों, लोकगीतों को खोजिए और सुनिए। किसी एक गीत को अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए। कक्षा के सभी समूहों द्वारा क गीतों को जोड़कर एक पुस्तिका बनाइए और कक्षा के पुस्तकालय में उसे सम्मिलित कीजिए।
नीचे दी गई इंटरनेट कड़ियों का प्रयोग करके आप कबीर के बारे में और जान-समझ सकते हैं-
• संत कबीर

channel=NCERTOFFICIAL
• कबीर वाणी

hannel=NCERTOFFICIAL

channel=NCERTOFFICIAL

channel=NCERTOFFICIAL
https://www.youtube.com/watch?v=JhWy6BYvo$U&t=155s&ab_
channel=NCERTOFFICIAL

channel=NCERTOFFICIAL
• कबीर की साखियाँ

• दोहे कबीर, रहीम, तुलसी

channel=NCERTOFFICIAL
Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 Question Answer कबीर के दोहे 16
उत्तर:
नोट – छात्र पाठ्यपुस्तक पृष्ठ 74 पर दी गई इंटरनेट कड़ियों का प्रयोग करके कबीर के बारे में स्वयं जानें।

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