Daily practice of Malhar Class 8 Hindi Book Solutions Chapter 3 एक आशीर्वाद कविता Question Answer builds a strong language foundation over time.
Class 8 Hindi Chapter 3 एक आशीर्वाद Question Answer
एक आशीर्वाद Class 8 Question Answer
Class 8 Malhar Chapter 3 Question Answer – Class 8 Hindi एक आशीर्वाद Question Answer
पाठ से प्रश्न – अभ्यास
मेरी समझ से
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (*) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

प्रश्न 1.
कविता में किसे संबोधित किया गया है?
• युवा वर्ग को
• नागरिकों को
• बच्चों को
• श्रमिकों को
उत्तर:
• युवा वर्ग को *
• बच्चों को *
प्रश्न 2.
“तेरे स्वप्न बड़े हों” पंक्ति में ‘स्वप्न’ से क्या आशय है?
• कल्पना की उड़ान भरना
• आकांक्षाएँ और रुचियाँ रखना
• बहुत सी उपलब्धियाँ पाना
• बड़े लक्ष्य निर्धारित करना
उत्तर:
• आकांक्षाएँ और रुचियाँ रखना *
• बहुत सी उपलब्धियाँ पाना *
• बड़े लक्ष्य निर्धारित करना *
प्रश्न 3.
“उँगली जलाएँ” पंक्ति में उँगली जलाने का भाव है-
• चुनौतियों को स्वीकार करना
• प्रकाश का प्रसार करना
• अग्नि के ताप का अनुभव करना
• कष्टों से नहीं घबराना
उत्तर:
• चुनौतियों को स्वीकार करना *
• कष्टों से नहीं घबराना *
प्रश्न 4.
“अपने पाँवों पर खड़े हों” पंक्ति से क्या आशय है?

• अपने पैरों पर खड़े होना
• सफलता प्राप्त करना
• कठिनाइयों का सामना करना
• आत्मनिर्भर होना
उत्तर:
• सफलता प्राप्त करना *
• आत्मनिर्भर होना *
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(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर:
उत्तर चुनने के कारण-
- आशीर्वाद हमेशा छोटे बच्चों और युवाओं को दिया जाता है, ताकि वे अपने सपने पूरे कर सकें। इस कविता में लक्ष्य पाने तथा अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए बच्चों और युवा वर्ग को आशीर्वाद दिया गया है।
- उक्त पंक्ति में स्वप्न से आशय है- नए सपनों की आकाक्षाएँ और रुचियाँ रखना, बहुत-सी उपलब्धियाँ हासिल करना और बड़े लक्ष्य निर्धारित करना ताकि वे जीवन में सफल हो सकें। कल्पनाओं में खोए रहने से कुछ नहीं होना है।
- इस पंक्ति में उँगली जलाने का भाव राह में आने वाली कठिनाइयों को स्वीकार करना और कष्टों से नहीं घबराना है, क्योंकि सफलता पाने की राह में दुख सहन करना ही पड़ता है।
- “अपने पाँवों पर खड़े हों” पंक्ति से आशय है- ‘सफलता प्राप्त करना’ और ‘आत्मनिर्भर होना’। यह एक मुहावरा भी है। इसका अर्थ है- सफल होकर आत्मनिर्भर बनना।
मिलकर करें मिलान
कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ स्तंभ 1 में दी गई हैं। उन पंक्तियों के भाव या संदर्भ स्तंभ 2 में दिए गए हैं। पंक्तियों को उनके सही भाव अथवा संदर्भों से मिलाइए।

उत्तर:
1 – 3; 2 – 1; 3 – 4; 4 – 2.
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए-

(क) “जा,
तेरे स्वप्न बड़े हों”
(ख) “जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें”
(ग) “चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना मचलना सीखें”
उत्तर:
अर्थ जो समझ में आया-
(क) इन पंक्तियों में ऊँचा लक्ष्य बनाकर ऊँची सफलता पाने का आशीर्वाद दिया गया है, ताकि बच्चे सफल होकर सुखमय जीवन बिता सकें।
(ख) इसका अर्थ है – बच्चे और युवावर्ग कल्पनाएँ करना छोड़ें, परिस्थितियों की इस सच्चाई को समझें कि सफलता पाने के लिए संघर्ष करना ही पड़ता है।
(ग) अर्थ यह है कि जिन सफलताओं को चाँद-तारों को पाने के समान अप्राप्य समझा जाता था, उनको पाने की कामना करें और उनको पाने के लिए संघर्ष करें।
अनुमान और कल्पना से
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-
(क) कविता में सपनों के बड़े होने की बात की गई है। आपके अनुसार बड़े सपने कौन-कौन से हो सकते हैं और क्यों?
उत्तर:
मेरे विचार से समाज के सब लोगों को भरपेट खाना, तन ढँकने के लिए कपड़े, रहने के लिए जगह, शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएँ, ऊँच-नीच की भावना का त्याग, सबको रोजगार आदि बड़े सपने हैं। ये सपने पूरे होने पर ही सबका विकास हो सकता है।
(ख) “हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ / उँगली जलाएँ ” पंक्ति में सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ललक की बात की गई है। ललक के साथ और क्या-क्या होना आवश्यक है और क्यों? (संकेत- योजना, प्रयास आदि )
उत्तर:
सपनों को पूरा करने के लिए उनकी कामना करना ही काफी नहीं होता, बल्कि उनकी ललक के साथ-साथ योजना, उनको पाने का प्रयास कष्टों से न घबराने की क्षमता, बार-बार प्रयास करना आदि आवश्यक है।
(ग) कल्पना कीजिए कि आपका सपना ही आपका मित्र है। आपको उससे बातचीत करनी हो, तो क्या बात करेंगे?
उत्तर:
यदि सपना ही मेरा मित्र हो, तो मैं उससे निम्नलिखित बातें करना चाहूँगा-
- तुम्हें अपनाने के लिए मुझे क्या-क्या करना होगा?
- मैं तुम्हें क्यों अपनाऊँ?
- तुम मेरा जीवन किस तरह बदल सकोगे?
- लोग आपको पाने के लिए क्यों लालायित रहते हैं?
(घ) यदि आप किसी को आशीर्वाद देना चाहते हों, तो आप किसे और क्या आशीर्वाद देंगे और क्यों?
उत्तर:
मैं अपने किसी परिचित या घर के छोटे लड़के को निम्नलिखित आशीर्वाद देना चाहूँगा, जैसे-
- मनचाही सफलता प्राप्त कसे।
- असफलता से निराश न हो।
- बार-बार प्रयास करो।
- सफलता न मिलने तक प्रयास जारी रखो।
- दूसरों की भलाई के बारे में भी सोचो।
ये आशीर्वाद मैं इसलिए दूँगा, ताकि अपने पैरों पर खड़े होकर दूसरों का भी भला करें।
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कविता की रचना
इस कविता में सपने को मनुष्य की तरह हँसते, मुसकराते, गाते हुए बताया गया है। ध्यान से देखें तो इस कविता में इस प्रकार की अन्य विशेषताएँ भी दिखाई देंगी। उन्हें लिखिए और कक्षा में उन पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:
कविता की अन्य विशेषताएँ-
- कविता में छंद नहीं है।
- तत्सम शब्दों का प्रयोग है।
- कविता को लय में नहीं गाया जा सकता है।
- कविता में सकारात्मक भाव जगाने का प्रयास है।
- कविता युवा वर्ग तथा बच्चों को संबोधित है।
नोट – छात्र स्वयं इन विशेषताओं पर चर्चा करें।
सृजन
इस कविता के आरंभ में एक ही संज्ञा शब्द है ‘स्वप्न’। इस शब्द को केंद्र में रखते हुए अनेक क्रिया शब्दों का ताना-बाना बुना गया है, जैसे चलना, रूठना, मचलना, सीखना, हँसना, मुस्कुराना, गाना, ललचाना और इस प्रकार कविता पूरी हो जाती है। आप भी किसी एक संज्ञा शब्द के साथ विभिन्न क्रिया शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी कविता बनाकर कक्षा में सुनाइए।

उदाहरण के लिए-
बादल को
घिरते देखा है,
गरजते देखा है,
बरसते देखा है,
उत्तर:
पानी को
नदियों में बहते देखा है
नालों से गिरते देखा है
फूलों पर चमकते देखा है
चरणामृत बनते देखा है
बादल बन उड़ते देखा है
बूँदें बन गिरते देखा है।
कविता का शीर्षक
इस कविता का शीर्षक ‘एक आशीर्वाद’ है जो कविता में कहीं भी प्रयुक्त नहीं हुआ है। यदि इस कविता की ही किसी पंक्ति या शब्द को कविता का शीर्षक बनाना हो, तो आप कौन-सी पंक्ति या शब्द चुनेंगे और क्यों?

उत्तर:
मेरे द्वारा चुने गए शीर्षक की पंक्ति तेरे स्वप्न बड़े हों।
शीर्षक चुनने का कारण है – इसमें कामना, प्रेरणा और उत्साहवर्धन का भाव निहित होना।
भाषा की बात
(क) नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘स्वप्न’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए-

उत्तर:

(ख) कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं और उनके सामने कुछ अन्य शब्द भी दिए गए हैं। उन शब्दों पर घेरा बनाइए जो समान अर्थ न देते हों-

उत्तर:

आना-जाना
‘आना’ और ‘जाना’ दो महत्वपूर्ण क्रियाएँ हैं। कक्षा में दो समूह बनाइए । एक समूह का नाम ‘आना’ और दूसरे समूह का नाम ‘जाना’ होगा। अब अपने-अपने समूह में इन दोनों क्रियाओं का प्रयोग करते हुए सार्थक वाक्य बनाइए और उन्हें चार्ट पेपर पर चिपकाकर अपनी कक्षा में लगाइए।
उत्तर:
आना-जाना
| ‘आना’ समूह | ‘जाना’ समूह |
| • यहाँ पक्षियों का आना लगा रहता है। • कल भी स्कूल आना है। • अतिथि का आना शुभ है! • त्योहारों का आना खुशियाँ लाता है। • नए पत्तों का आना शुरू हो गया है। |
• इन खिलाड़ियों को विदेश जाना है। • अब मुझे मंदिर जाना है। • बाढ़ का जाना सुखद लगा। • तुम कल चले जाना। • उसका जाना मुझे अब भी याद है। |
नोट – छात्र चार्ट पेपर पर चिपकाकर अपनी कक्षा में स्वयं लगाएँ।
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डायरी
हँसें मुसकराएँ – गाएँ
अपने किसी एक दिन की समस्त गतिविधियों पर ध्यान दीजिए और अपनी डायरी में लिखिए कि आप दिनभर में कब-कब हँसे, कब-कब मुसकराए, कब-कब गाए, कब-कब रूठे, कब-कब मचले?

उत्तर:
अभिनव की डायरी का एक पृष्ठ
03 अक्टूबर, 20xx
बुधवार
आज का दिन मेरे लिए खास रहा। आज दशहरे का त्योहार भी था। मैं अपने माता-पिता के साथ दशहरा मेला देखने गया। चारों ओर दुकानें भीड़ और लोग। एक बड़े-से मैदान में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के बड़े-बड़ेड़े पुतले । मेले में जादूगर ने जब कागज से कबूतर बनाकर उड़ाया, तो मैं । बहुत हँसा । उसके कई खेल देखकर मैं मुसकरा उठा। बाँसुरी वाला एक गाने की धुन बजाकर बाँसुरी बजा रहा था। मैं उसके साथ गाने लगा। मैंने अपने पिताजी से कटे फलों की चाट दिलाने के लिए कहा, तो उनके मना करने पर मैं रूठ गया। शाम को जब पुतलों में आग लगाई गई, तो उनमें लगे बड़े-बड़े पटाखों की आवाज सुनकर मैं डर गया। मैं हाथी की सवारी करने के लिए मचल उठा, पर पिताजी ने मना कर दिया। हमने चाट और मिठाइयाँ खाईं और घर आ गए। थकान के कारण अब मुझे नींद आने लगी है।
शुभरात्रि
अभिनव
पाठ से आगे
आपकी बात
(क) कविता के माध्यम से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पूरा करने का आशीर्वाद दिया गया है। दिन-प्रतिदिन के जीवन में आपको अपने माता-पिता, अध्यापक एवं परिजनों से किस तरह के आशीर्वाद मिलते हैं? अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर:
दैनिक जीवन में मिलने वाले आशीर्वाद-
माता-पिता से – सदा खुश रहो, खूब उन्नति करो।
अध्यापक – सदैव प्रसन्न रहो, खूब पढ़ो।
दादाजी – चिरंजीव रहो, खूब फूलो- फलो।
चाचा जी – खुश रहो।
(ख) आप भी अपने से छोटों के प्रति किसी-न-किसी प्रकार से शुभेच्छा प्रकट करते हैं, उन्हें लिखिए।
उत्तर:
छोटों के प्रति शुभेच्छा-सदा सफलता प्राप्त करो, सदैव खुश रहो।
सपनों की बातें
(क) आप क्या करना चाहते हैं और क्या पाना चाहते हैं? उन्हें एक परची पर लिखें। परची पर अपना नाम लिखना आवश्यक नहीं है। अपने अध्यापक द्वारा लाए गए डिब्बे में अपनी-अपनी परची को डाल दें। अध्यापक एक-एक करके इन परचियों पर लिखे सपनों को पढ़कर सुनाएँ । सभी विद्यार्थी अपने-अपने सुझाव दें कि उन सपनों को पूरा करने के लिए-
• किस तरह के प्रयत्न करने होंगे?
• किस तरह से योजना बनानी होगी?
• किससे और किस प्रकार का सहयोग लिया जा सकता है?
• लक्ष्य प्राप्ति में संभावित चुनौतियाँ कौन-कौन सी हो सकती हैं?

उत्तर:
प्रयत्न- मेहनत करनी होगी, असफलता मिलने पर पुनः प्रयास करना होगा, लक्ष्य मिलने तक प्रयास करना होगा।
योजना- सफलता कैसे प्राप्त कर सकते हैं, इसकी योजना बनानी होगी
सहयोग- माता-पिता, मित्र, अध्यापक तथा अन्य परिजन।
चुनौतियाँ- धन की कमी, असफलता, उपहास, निराशा आदि।
हमारे सपने
आपके माता-पिता या अभिभावक आपकी आवश्यकताओं और इच्छाओं को जानते-समझते हैं। वे उन्हें पूरा करने के लिए यथासंभव प्रयत्न करते हैं। अपने माता-पिता या अभिभावक से उनके द्वारा देखे गए सपने और इच्छाओं के बारे में पूछिए कि वे क्या-क्या करना चाहते थे या चाहते हैं? नीचे दी गई तालिका में उन सपनों को लिखिए। आप इस तालिका को और बढ़ा सकते हैं।

उत्तर:

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सबके सपने
प्रतिदिन की आवश्यकताओं को पूरा करने में बहुत-से लोग सहयोग देते हैं, जैसे- शाक विक्रेता, स्वच्छताकर्मी, रिक्शाचालक, सुरक्षाकर्मी आदि। इनमें से किसी एक से साक्षात्कार कीजिए और उनके सपनों के विषय में जानिए । साक्षात्कार के समय कौन-कौन से प्रश्न हो सकते हैं? उनकी एक सूची भी बनाइए।
उत्तर:
सब्जी विक्रेता से साक्षात्कार-

झरोखे से
आपने पढ़ा कि ‘एक आशीर्वाद’ कविता में सपनों के बड़े होने की बात की गई है। अब आप पढ़िए सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का एक प्रेरक उद्बोधन जिसमें वे न केवल सपने देखने की बात करते हैं, बल्कि सपनों को पूरा करने की योजना और प्रक्रिया के विषय में भी बताते हैं—

उत्तर:
नोट – छात्र पाठ्यपुस्तक पृष्ठ 42-43 पर ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का दिया गया उद्बोधन स्वयं पढ़ें और समझें।
साझी समझ
आपने ‘एक आशीर्वाद’ कविता पढ़ी और डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का उपर्युक्त उद्बोधन भी पढ़ा। अब आप इन दोनों पर कक्षा में अपने साथियों के साथ चर्चा कीजिए।
उत्तर:
नोट- छात्र पाठ्यपुस्तक पृष्ठ 44 पर पढ़ें और समझें।
खोजबीन के लिए
कला, विज्ञान, राजनीति, खेलकूद, मनोरंजन आदि क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त करने वाले क्तियों ने अपने-अपने सपनों को पूरा करने की संघर्ष यात्रा के बारे में लिखा है। उन्होंने अपने सपनों को साकार करने के लिए किस तरह से योजना बनाई, क्या-क्या संघर्ष किए? पुस्तकालय अथवा इंटरनेट की सहायता से ऐसे व्यक्तियों के बारे में पढ़िए।

उत्तर:
नोट – छात्र पाठ्यपुस्तक पृष्ठ 44 पर पढ़ें और समझें।